पिता ने किया जीवित बेटी का मृत्युभोज
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सामाजिक बहिष्कार का अनोखा मामला
तीन बच्चों को छोड़ की दूसरी शादी, पिता ने तोड़ा रिश्ता
उदयपुर, 14 जनवरी: जनजातीय क्षेत्र ओगणा से भावनात्मक और सामाजिक रूप से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का शोक संदेश छपवाकर मृत्युभोज तक कर दिया। तीन बच्चों को छोड़कर दूसरी शादी करने और माता-पिता को पहचानने से इनकार करने से आहत परिवार ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानने का कठोर निर्णय लिया।
परिजनों के अनुसार करीब दस वर्ष पूर्व युवती की शादी हुई थी। शुरुआती वर्षों में पारिवारिक जीवन सामान्य रहा और इस दौरान महिला तीन बच्चों की मां बनी। इसी बीच 23 अक्टूबर 2025 को वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक युवक के साथ चली गई और बाद में उससे विवाह कर लिया। बेटी के इस कदम से परिवार और समाज में हड़कंप मच गया।
परिजनों ने बेटी की गुमशुदगी को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने महिला को तलाश कर परिजनों और बच्चों के सामने प्रस्तुत किया, लेकिन महिला ने न केवल माता-पिता बल्कि अपने बच्चों को भी पहचानने से इनकार कर दिया। समाज के लोगों, रिश्तेदारों और पुलिस की ओर से कई बार समझाइश के प्रयास किए गए, मगर महिला अपने फैसले पर अडिग रही।
इस घटनाक्रम से आहत पिता मानसिक रूप से टूट गए। परिवार ने 6 जनवरी को समाज के समक्ष बेटी को मृत घोषित करने का निर्णय लिया। इसके बाद बाकायदा शोक पत्रिका छपवाकर रिश्तेदारों और समाजजनों में वितरित की गई। 13 जनवरी को कातरिया रस्म के तहत पिता ने मुंडन कराया, जबकि 14 जनवरी को गौरणी-धूप दस्तूर के साथ मृत्युभोज आयोजित किया गया। इस दौरान समाज के लोग भी उपस्थित रहे।
महिला के पिता का कहना है कि जिस दिन बेटी ने माता-पिता और अपने बच्चों को पहचानने से इनकार किया, उसी दिन वह उनके लिए मर चुकी थी। वहीं महिला के भाई ने बताया कि यह कदम भविष्य में समाज में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने और बच्चों के भविष्य को लेकर एक सख्त संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया। परिवार ने बेटी को संपत्ति और वसीयत से भी बेदखल करने का निर्णय लिया है।
