LOADING

Type to search

पॉक्सो कोर्ट का निर्णय: सबूत छिपाने के दोष में तीन साल की सजा

Local

पॉक्सो कोर्ट का निर्णय: सबूत छिपाने के दोष में तीन साल की सजा

Share

मामले में मुख्य आरोपी अब तक हैं फरार
उदयपुर, 16 जनवरी:
नाबालिग बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़े एक मामले में उदयपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने दो लोगों को सजा सुनाई है।
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम की विशेष अदालत संख्या-2, उदयपुर के पीठासीन अधिकारी जिला न्यायाधीश संजय कुमार भटनागर ने सायरा थाना क्षेत्र के इस प्रकरण में अभियुक्त लोकेश कुमार पुत्र नाथाराम निवासी सारणेश्वर थाना कोतवाली जिला सिरोही एवं भूराराम पुत्र हाजाराम निवासी पाडला का चौराहा पंचायत पडावली थाना ओगणा जिला उदयपुर को साक्ष्य छिपाने के अपराध में दोषसिद्ध ठहराया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार ओझा ने न्यायालय में पक्ष रखा। मामले के अनुसार 27 दिसंबर 2023 को सायरा थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि 11 वर्षीय नाबालिग बालिका स्कूल से लौटते समय लापता हो गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अर्जुनराम द्वारा बालिका का अपहरण कर दो महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। बाद में अभियुक्तों ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से बालिका की हत्या कर सिरोही जिले की फायरिंग रेंज के पास शव को दफना दिया। पुलिस ने भूराराम व लोकेश की निशानदेही पर शव बरामद कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। अभियोजन ने न्यायालय में 25 गवाहों के बयान कराए तथा करीब 42 दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनमें एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए जांच, घटनास्थल के नक्शे और बरामदगी मेमो शामिल रहे।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित पक्ष को दो लाख रुपए प्रतिकर दिलाने के आदेश दिए गए हैं। मुख्य आरोपियों अर्जुनराम व वजाराम की तलाश जारी रखने के निर्देश भी अदालत ने दिए हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *