राजस्थान में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में धीमी प्रगति, ‘आभा’ सैचुरेशन मात्र 33%
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सुभाष शर्मा
उदयपुर, 18 जनवरी: राजस्थान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों के डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड (ABHA) बनाने का कार्य जारी है। 12 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में ओपीडी (OPD) सेवाओं में ‘आभा’ सैचुरेशन सिर्फ 33% दर्ज किया गया है, जो अपेक्षा के मुताबिक कम माना जा रहा है।
जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो सीकर जिला 41% सैचुरेशन के साथ सबसे आगे है, जबकि करौली 40% के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद दौसा और कोटपुतली-बहरोड़ में 39%, कोटा और झुंझुनू में 38%, और जयपुर में 37% सैचुरेशन दर्ज हुआ।
कुछ जिले अभी भी काफी पीछे हैं। खैरथल-तिजारा में मात्र 18%, सलूंबर में 22%, और चित्तौड़गढ़ में 23% सैचुरेशन ही पाया गया। राज्य भर में कुल ओपीडी फुटफाल 1,05,572 रही, जिनमें से 34,680 मरीजों का डेटा ‘आभा’ से सफलतापूर्वक लिंक किया गया। विभागीय निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग की ओर से विशेष निर्देश दिए गए हैं कि पिछड़े जिलों में ओपीडी पर्चियों का उसी दिन आईएचएमएस (IHMS) सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि की जाए और नियमित प्रगति रिपोर्ट दी जाए। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ मरीजों तक पहुंचे।
