यूडीए की बड़ी कार्रवाई: मालदीव्स विला के 17 विला सील, गैरकानूनी रास्ते ध्वस्त
Share
अरावली क्षेत्र में पहाड़ी कटिंग व अवैध निर्माण पर सख्ती, वेलेसा होटल भी सील
उदयपुर, 19 जनवरी: उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने शहर से सटे राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और सरेखुर्द में अवैध निर्माण और पहाड़ी कटिंग के खिलाफ सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में मालदीव्स विला के 17 विला, वेलेसा होटल और अन्य निर्माणाधीन व्यावसायिक संरचनाओं को सील किया गया। साथ ही नक्शा अप्रूव्ड नहीं होने के कारण बनाए गए रोड और विद्युत पोल को ध्वस्त किया गया।
यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि मोहनपुरा के आराजी संख्या 4967/1605, 4965/1605, 4966/1605 और 4968/1605 में बिना सक्षम स्वीकृति कुल 17 विला बनाकर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। इसी तरह आराजी संख्या 4999/4796 में वेलेसा नामक होटल भी बिना स्वीकृति संचालित हो रहा था। भूखण्ड स्वामी द्वारा तहसीलदार और एसडीओ कार्यालय में आवासीय संपरिवर्तन कराया गया था, लेकिन उनका वाणिज्यिक उपयोग नियमों के खिलाफ किया जा रहा था।
उपायुक्त जगदीश सिंह आशिया के निर्देशानुसार तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा और रणजीतसिंह विठू की उपस्थिति में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेंद्र सेन, बाबूलाल तेली, सूरजपोल सिंह सोलंकी, बाबूलाल तावड़, पटवारी दीपक जोशी, हितेंद्र सिंह तंवर व होमगार्ड गार्ड टीम ने सभी भवनों को सील करने के साथ गैर तकनीकी तरीके से निर्मित अवैध रास्तों को भी ध्वस्त किया।
सरेखुर्द में एमरल्ड हिल्स प्लानिंग पर कार्रवाई

राजस्व ग्राम सरेखुर्द में आराजी संख्या 4009/2219 किस्म आवासीय भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति पहाड़ काटकर रोड और भूखंड तैयार किए गए थे। यूडीए ने इस प्लानिंग में बनाए गए अवैध सीसी रोड और विद्युत पोल मौके से हटाए।इस्कॉन बहुमंजिला भवन पर नोटिस
गांव मोहनपुरा में आराजी संख्या 4956/1605 और 4803/1605 पर इस्कॉन संस्था द्वारा बहुमंजिला होटलनुमा भवन का निर्माण किया जा रहा था। इस पर यूडीए ने नोटिस जारी कर निर्माण स्वीकृति प्रस्तुत करने का आदेश दिया और भवन में मंदिर निर्माण की सूचना प्रशासन को देने के लिए पाबंद किया।अवैध भूखंड और एकल पट्टों पर चेतावनी
आयुक्त जैन ने आमजन को चेतावनी दी कि बिना स्वीकृति पहाड़ कटिंग और अवैध निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ लोग एसडीएम और तहसीलदार के एकल पट्टों को बिना उपविभाजन कराए बेच रहे हैं, जिससे भविष्य में नियमन और निर्माण स्वीकृति नहीं मिल पाती। इसके अलावा कुछ अवैध प्लानिंग और भूखंड बिक्री विनिमय-2024 के खिलाफ की जा रही है। ऐसे मामलों में यूडीए पट्टा और संपरिवर्तन आदेश निरस्त करने की सिफारिश जिला कलेक्टर को भेज रहा है।
