रैन बसेरे में सोते मिले कुत्ते, न्यायाधीश ने जताई कड़ी नाराजगी
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निरीक्षण में उजागर हुई नगर परिषद की लापरवाही, बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
प्रतापगढ़, 20 जनवरी: प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय स्थित नगर परिषद के रैन बसेरे का अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश केदारनाथ ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे की बदहाल स्थिति सामने आई, जिसने नगर परिषद की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया। जरूरतमंदों के लिए बनाए गए रैन बसेरे में अव्यवस्थाओं की भरमार देख न्यायाधीश ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण में पाया गया कि रैन बसेरा मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही पेयजल सुविधा और आपात स्थिति के लिए फर्स्ट एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। रैन बसेरे में सुरक्षा व्यवस्था भी नाकाफी पाई गई।
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला दृश्य यह रहा कि रैन बसेरा के बिस्तरों पर आवारा कुत्ते बैठे मिले। सर्दी के मौसम में गरीब और बेघर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से बनाई गई इस व्यवस्था में ऐसी स्थिति को देखकर न्यायाधीश ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की याद दिलाई
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश केदारनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि सर्दी के मौसम में किसी भी व्यक्ति की ठंड से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निकायों की जिम्मेदारी है कि रैन बसेरों में सभी आवश्यक और मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
न्यायाधीश ने नगर परिषद को निर्देश दिए कि रैन बसेरे को केवल औपचारिकता न बनाकर वास्तव में उपयोगी, सुरक्षित और मानवीय बनाया जाए। उन्होंने साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, प्राथमिक उपचार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तुरंत सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। निरीक्षण से जुड़ी जानकारी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सामने आई।
