प्रदेश का कुख्यात तस्कर उदयपुर में छदम नाम से करा रहा था इलाज, पुलिस ने दबोचा
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25 हजार का इनामी अपराधी, प्रदेश के टॉप 25 में शामिल
उदयपुर, 20 जनवरी : राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने “ऑपरेशन मदरक्तिम” के तहत राज्य के टॉप-25 कुख्यात मादक तस्करों में शामिल कंवरलाल को उदयपुर के एक निजी हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया। चार साल से फरार चल रहे आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज थे और उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। यह गिरफ्तारी मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
कम पढ़ा-लिखा, लेकिन मादक तस्करी का बड़ा नेटवर्क स्थापित
चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ थाना क्षेत्र के सांगरिया गांव का रहने वाला कंवरलाल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई कर पाया। पढ़ाई छोड़ने के बाद उसने महाराष्ट्र में होटल में वेटर का काम किया, जहां उसने नशे के कारोबार की दुनिया देखी और अपने गांव लौटकर अफीम और डोडा चूरा की तस्करी शुरू की। धीरे-धीरे उसने मारवाड़ और मेवाड़ में मजबूत नेटवर्क बना लिया और परिवार के कई सदस्यों को भी इस धंधे में शामिल किया।
अंतरराज्यीय तस्करी और गुप्त संचालन
कंवरलाल मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर से मादक पदार्थ मंगवाता और राजस्थान में वितरित करता था। उसने पहचान छुपाने के लिए फर्जी नामों और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल किया। मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता और सौदे खुद गाड़ी चलाकर करता।
हॉस्पिटल में गिरफ्तारी
हाल ही में दुर्घटना में घायल होने के बाद वह उदयपुर के जेपी हॉस्पिटल में “दिनेश” नाम से भर्ती हुआ। मुखबिर से सूचना मिलने पर एएनटीएफ ने हॉस्पिटल पर निगरानी रखी और आरोपी को इलाज के दौरान दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
टीम को सम्मान मिलेगा
इस कार्रवाई में एएनटीएफ जयपुर, जालोर और उदयपुर टीमों ने अहम भूमिका निभाई। महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि इस सफल अभियान में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को एएनटीएफ मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा। यह गिरफ्तारी मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूत संदेश देती है।
