दुनिया के हर डायनिंग टेबल तक भारतीय खाद्य पहुँचाने का लक्ष्य: केंद्रीय मंत्री पासवान
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उदयपुर, 20 जनवरी : केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य भारत को विश्व का फूड बास्केट बनाना और खाद्य प्रसंस्करण में वैश्विक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना है। उनका लक्ष्य है कि दुनिया के हर डायनिंग टेबल पर कम से कम एक भारतीय उत्पाद पहुंचे।
मंगलवार को उदयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि एक समय भारत में खाद्यान्न की कमी होती थी, लेकिन आज देश खाद्यान्न सरप्लस देश बन चुका है। इसका पूरा श्रेय किसानों को जाता है। पासवान ने कहा कि उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण और गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और वर्तमान में देश में लगभग 13 प्रतिशत रोजगार इसी क्षेत्र से जुड़ा है।
केंद्रीय मंत्री ने पीएम एफएमई योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित चिंतन शिविर में देश के 30 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विभिन्न राज्यों की बेहतरीन प्रथाओं और सुझावों पर चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण का प्रतिशत 12 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना है।
पासवान ने स्पष्ट किया कि प्रसंस्करण का अर्थ गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। आम जनता को इस विषय में जागरूक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नीति में बदलाव करने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष वर्ल्ड फूड इंडिया के क्षेत्रीय संस्करण देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं की कार्यशैली से न केवल भाजपा बल्कि उनके गठबंधन एनडीए को भी फायदा मिलेगा।
