जयसमंद पाल और रूठी रानी महल तक इको ट्रेल से पर्यटकों की पहुँच आसान बनेगी
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विकास : पाल से रूठी रानी महल तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा इको ट्रेल बनाया जाएगा
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 20 जनवरी: वन विभाग ने जयसमंद झील की पाल और रूठी रानी महल तक पर्यटकों की पहुँच आसान बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹1 करोड़ का बजट जारी किया है। जिला प्रशासन ने इसे DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) के तहत आवंटित किया है।
इस परियोजना के तहत पाल से रूठी रानी महल तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा इको ट्रेल (पैदल मार्ग) बनाया जाएगा। इससे न केवल वाहनों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटक प्राकृतिक नजारों का आनंद भी ले सकेंगे। जयसमंद की पाल को चीरवा की फूलों की घाटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें रोड के दोनों ओर रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाए जाएंगे। पाल पर पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र और अधिक आकर्षक बनेगा।
हवा महल तक के रास्ते की मरम्मत की जाएगी और शौचालयों को सुधारा जाएगा। रूठी रानी महल तक पहुंचने वाले रास्ते को चौड़ा किया जाएगा, क्योंकि वर्तमान में बीच-बीच में संकरा होने के कारण वाहनों को घाट सेक्शन में घुमाने में कठिनाई होती है। छतरियों पर रंग-रोगन और थीम-बेस्ड लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे रात के समय भी पर्यटन स्थल आकर्षक दिखेगा।
इस परियोजना का उद्देश्य जयसमंद को उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना है। पर्यटक यहां बोटिंग, सफारी और वन्यजीवों का अवलोकन कर सकेंगे। महल और हवा महल हेरिटेज भवन होने के कारण उनकी मरम्मत एएसआई की देखरेख में की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से न केवल पर्यटकों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि जयसमंद झील और उसके आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण भी होगा। पर्यटक यहां लंबी सैर और प्राकृतिक अनुभव का आनंद ले पाएंगे, जिससे जयसमंद उदयपुर के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान बनाएगा।
इस तरह पाल से लेकर रूठी रानी महल तक की यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और क्षेत्र की पहचान बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी।
