चाचा बोला, 500-500 एमजी की दवाएं दीं; लिवर सूजा, किडनियां डैमेज
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नवोदय स्कूल की 13 वर्षीया छात्रा शिवानी की मौत का मामला, स्कूल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
बांसवाड़ा, 22 जनवरी: बांसवाड़ा के जवाहर नवोदय विद्यालय लोधा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीमारी के दौरान छात्रा को बिना परामर्श 500-500 एमजी की भारी दवाइयां दी गईं, जिससे 24 घंटे के भीतर उसका लिवर सूज गया और दोनों किडनियां डैमेज हो गईं। इलाज के दौरान 21 जनवरी को छात्रा ने दम तोड़ दिया।
मृतका शिवानी के चाचा शांतिलाल यादव ने बताया कि 14 जनवरी को बच्ची पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में स्कूल छोड़ी गई थी। 15 और 16 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ ने घर भेजने की सलाह दी, लेकिन वार्डन ने यह कहकर मना कर दिया कि बीमारी गंभीर नहीं है। आरोप है कि चार दिन तक परिजनों को सही स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने पहले निजी अस्पताल और फिर एमजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन सूचना देरी से दी। 19 जनवरी को फोन कर सामान्य सर्दी-बुखार बताकर बुलाया गया। जब परिजन पहुंचे तो बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी।
सदर थाना सीआई रूपसिंह ने बताया कि 19 जनवरी को परिजन बच्ची को घर ले गए थे, बाद में हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल और फिर गुजरात के हिम्मतनगर में इलाज कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। स्कूल प्रिंसिपल ने समय पर इलाज का दावा किया है। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई जारी है।
