ब्लास्टिंग से घरों में आई दरारें, हर धमाके से सताता डर
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ग्रामीण बोले- सीमेंट फैक्ट्री का कोई फायदा नहीं, परेशानी हो रही; किया प्रदर्शन
चित्तौड़गढ़, 27 जनवरी: चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा क्षेत्र में स्थित आदित्य अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। फैक्ट्री की माइंस में हो रही लगातार ब्लास्टिंग से परेशान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री से क्षेत्र को कोई लाभ नहीं मिल रहा, उल्टे रोजमर्रा की जिंदगी खतरे में पड़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि माइंस में होने वाली ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों के मकानों में गहरी दरारें आ गई हैं। कई घरों की दीवारें और छतें कमजोर हो चुकी हैं। इसके चलते घरों में रहना मुश्किल हो गया है। हर धमाके के साथ लोगों को बड़े हादसे का डर सताता रहता है। महिलाओं ने बताया कि कई बार सुबह तड़के और रात में भी ब्लास्टिंग की जाती है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग दहशत में रहते हैं।
प्रदर्शन के दौरान सामरी गांव निवासी शैतान सिंह रावत ने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे रहा है। बाहर के लोगों को नौकरी दी जा रही है, जबकि आसपास के गांवों के युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने और क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत या मुआवजा देने की मांग की।
महिलाओं ने बताया कि रेल का अमराना सहित आसपास के कई गांवों में रामी बाई, प्रेम बाई, पार्वती रावत, काजू कुमारी सहित अनेक लोगों के घरों में बड़ी दरारें आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्री से धूल, प्रदूषण और शोर बढ़ा है, जिससे सांस की बीमारियां फैल रही हैं और पशुओं पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से ब्लास्टिंग से हुए नुकसान का सर्वे कराने, प्रदूषण पर नियंत्रण और फैक्ट्री प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की। प्रशासन ने सात दिन में बातचीत का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
