पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 533 लाभार्थी अपात्र पाए गए
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उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने उठाया था मामला
उदयपुर, 28 जनवरी: डूंगरपुर जिले की कई ग्राम पंचायतों में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र लोगों को लाभान्वित करने का मामला सामने आया है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत की सूचना और तथ्यात्मक जानकारी पर जिला प्रशासन ने 550 लाभार्थियों की सूची की जांच की, जिसमें 533 लाभार्थी अपात्र पाए गए जबकि केवल 17 लाभार्थी पात्र थे।
सांसद डॉ. रावत ने डूंगरपुर जिले की दिशा बैठक में इस फर्जीवाड़े का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि बीएपी नेताओं के इशारे पर ऐसे लोगों के नाम सूची में जोड़े गए, जो डूंगरपुर जिले के मूल निवासी नहीं हैं। इनमें कई मुस्लिम और बंगाली नाम शामिल थे। सांसद ने इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी और जांच की मांग की।
जिला कलेक्टर डूंगरपुर ने सांसद को पत्र के माध्यम से बताया कि कुल 550 व्यक्तियों की सूची मिली, जिन्हें तहसीलदार और पटवारियों द्वारा जांचा गया। जांच में अधिकतर लाभार्थियों की अपात्रता का कारण काश्तकार का मूल निवासी न होना और उनसे संपर्क न होना पाया गया। ग्राम पालगामडी, बारों का शेर, बोलाडरा, बटका फलां, मेताली, गुमानपुरा और सेरावाड़ा में करवाई गई जांच में अधिकांश लाभार्थी अपात्र पाए गए।
सांसद ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
डॉ. रावत ने अपात्र लोगों और इस सूची में नाम जोड़ने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे संगठित षड्यंत्र करार दिया और आरोप लगाया कि बाहरी मुस्लिम और अन्य लोगों के नाम जोड़ने से यह स्पष्ट हो रहा है कि बीएपी नेता बाहरी ताकतों को डूंगरपुर में संरक्षण दे रहे हैं। सांसद ने कहा कि इस तरह की बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा केवल योजना का दुरुपयोग नहीं, बल्कि जिले के मूल किसानों के हित के खिलाफ जानबूझकर की गई साजिश है।
