आरक्षण पर विजय सिंह बैंसला का सवाल—एक ही वर्ग के लिए दोहरे मापदंड क्यों?
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टीएसपी क्षेत्र में एमबीसी, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस को वंचित रखने पर सरकार को घेरा
डूंगरपुर, 28 जनवरी: गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक विजय सिंह बैंसला ने राजस्थान में आरक्षण नीति को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बुधवार को सागवाड़ा पहुंचे बैंसला का ओबीसी समाज ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान के तहत लागू आरक्षण में क्षेत्र, जाति या स्थान के आधार पर भेदभाव का कोई प्रावधान नहीं है, फिर भी टीएसपी क्षेत्र में 2013 से एमबीसी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को आरक्षण के लाभ से वंचित रखा जा रहा है।
बैंसला ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। जयपुर जैसे शहरों में रहने वाला एमबीसी या ओबीसी व्यक्ति संसाधनों से युक्त होकर भी आरक्षण का हकदार माना जाता है, जबकि आदिवासी बहुल पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सक्षम बताकर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। यह दोहरा मापदंड किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि जैसे एक देश में दो निशान नहीं हो सकते, वैसे ही एक समाज के लिए दो नियम नहीं हो सकते। टीएसपी क्षेत्र में एसटी को 45 और एससी को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जो उचित है, लेकिन अनारक्षित 50 प्रतिशत में एमबीसी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस को उनका हक मिलना चाहिए।
बैंसला ने चेताया कि यदि आयोग की रिपोर्ट नहीं आई तो आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में टीएसपी क्षेत्र के ओबीसी और एमबीसी वर्ग को फिर आरक्षण से वंचित रहना पड़ेगा। उन्होंने इन वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
