विकास शुल्क के नाम पर वसूली का आरोप, एमपीपीजी कॉलेज में एनएसयूआई का प्रदर्शन
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ढाई घंटे तक प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर तालाबंदी, 15 दिन में निर्णय का आश्वासन
चित्तौड़गढ़, 29 जनवरी : एमपीपीजी कॉलेज में विकास शुल्क के नाम पर कथित अवैध वसूली को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कॉलेज प्रशासन छात्रों से अतिरिक्त राशि जमा कराने का दबाव बना रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय छात्र परेशान हैं।
एनएसयूआई के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय राव के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी की और प्रिंसिपल कक्ष के बाहर चैनल गेट पर ताला जड़ दिया। करीब ढाई घंटे तक तालाबंदी जारी रही। बाद में कॉलेज प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने पर ताला खोला गया।
एनएसयूआई ने प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में बताया कि यूनिवर्सिटी के निर्देशानुसार परीक्षा फॉर्म कॉलेज में जमा कराने की आवश्यकता नहीं थी, इसके बावजूद सेमेस्टर सिस्टम के नाम पर छात्रों से दो बार 300 रुपये विकास शुल्क वसूला जा रहा था। संगठन ने इसे अवैध बताते हुए वसूली गई राशि लौटाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जिला उपाध्यक्ष अंकुश आदिवाल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उच्च शिक्षा विभाग तक आंदोलन किया जाएगा। बातचीत के बाद प्राचार्य ने 15 दिन में विकास समिति की बैठक बुलाकर निर्णय लेने और तब तक शुल्क वसूली पर रोक लगाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
