सात दिवसीय भागवत कथा का समापन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
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भक्ति रस में डूबा देवेन्द्र धाम, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
उदयपुर, 31 मार्च: भुवाणा रोड स्थित देवेन्द्र धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हुआ। तुलसी परिवार व नंदी वन वैदिक गौशाला धाम के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
आयोजक ए.एस. राठौड़ ने बताया कि समापन अवसर पर देवेन्द्र धाम परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पांडाल में बैठने की जगह कम पड़ गई, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गार्डन में खड़े होकर कथा का श्रवण करते रहे। कथा शुरू होने के बाद भी महिलाएं समूह में पहुंचती रहीं, जिससे पूरे परिसर में आस्था का माहौल बना रहा।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, भावुक हुआ माहौल
कथा के दौरान श्रीकृष्ण भजनों पर श्रद्धालु भक्ति नृत्य में लीन नजर आए। “मेरा श्याम बड़ा अलबेला…” जैसे भजनों पर पूरा पांडाल भक्ति रस में डूब गया। कई श्रद्धालु इतने भावुक हुए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
भागवत कथा का महत्व बताया
कथा वाचक ब्रह्मऋषि किरीट भाई ने कहा कि भागवत कथा से पापों का नाश, मन की शांति और भक्ति-ज्ञान की प्राप्ति होती है। उन्होंने सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष जैसे प्रसंगों के माध्यम से जीवन में धर्म और भक्ति का महत्व समझाया।
