हमलावर लेपर्ड पिंजरे में कैद, तीन दिन बाद ग्रामीणों को मिली राहत
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बंदरों की बहादुरी से बची किसान की जान, गोगुंदा क्षेत्र में फैला था खौफ
उदयपुर, 4 अप्रैल: गोगुंदा क्षेत्र के लोसिंग गांव में पिछले तीन दिनों से दहशत का कारण बना लेपर्ड शनिवार अलसुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
तीन दिन पहले किसान तुलसीराम पालीवाल पर खेत में काम करते समय लेपर्ड ने अचानक हमला कर दिया था। उसने गर्दन पर पंजा मारा, लेकिन पास के पेड़ पर मौजूद बंदरों के झुंड ने शोर मचाते हुए लेपर्ड पर झपट्टा मारा। इससे लेपर्ड का ध्यान भटक गया और वह किसान को छोड़कर भाग गया।
घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल था और किसान खेतों में जाने से डर रहे थे। सूचना पर वन विभाग ने उसी स्थान पर पिंजरा लगाया, जहां शनिवार सुबह लेपर्ड शिकार के लालच में फंस गया।
वन अधिकारियों के अनुसार लेपर्ड का मेडिकल परीक्षण कर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। फिलहाल उसके पकड़े जाने से क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौट आई है।
