उदयपुर ध्यान महोत्सव का भव्य आगाज
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तीन दिवसीय आयोजन में ध्यान और ऊर्जा प्रबंधन पर जोर
उदयपुर, 9 अप्रैल: शोभागपुरा स्थित समग्रम ईको-पिरामिड केंद्र में तीन दिवसीय उदयपुर ध्यान महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पहले दिन आयोजित सत्र में ब्रह्मऋषि प्रेमनाथ ने ध्यान और ऊर्जा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बुद्धि और ज्ञान का संतुलन आवश्यक है, बिना विवेक के बुद्धि विनाश का कारण बनती है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति की 80% ऊर्जा आंखों और 20% वाणी से खर्च होती है, जिसे नियंत्रित कर ध्यान की ओर बढ़ा जा सकता है।
डॉ. निहाल जैन ने समग्र जीवनशैली अपनाने और आंतरिक शांति की ओर लौटने का आह्वान किया। भावना त्रिवेदी और डॉ. चेतन दाधीच ने मानसिक तनाव दूर करने के उपाय बताए।
आयोजकों के अनुसार 10 अप्रैल को फतेहसागर और 11 अप्रैल को मांझी का मंदिर पर प्रातःकालीन ध्यान सत्र आयोजित होंगे, जिनमें आमजन से भागीदारी की अपील की गई है।
