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बेटे-बेटियों की शादी से पहले किसान ने बचाया ‘टिटहरी का घर’

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बेटे-बेटियों की शादी से पहले किसान ने बचाया ‘टिटहरी का घर’

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शादी का पंडाल हटवाकर अंडों की कराई सुरक्षा, पक्षी प्रेम की मिसाल बना चित्तौड़गढ़ का किसान
उदयपुर, 29 अप्रेल:
शादी का घर, खुशियों का माहौल, मेहमानों की चहल-पहल और भव्य पंडाल की तैयारियां… लेकिन इसी बीच खेत में एक नन्ही टिटहरी ने अपने अंडे दे दिए। आमतौर पर ऐसे मौके पर लोग अंडों को हटाकर तैयारियां पूरी करते, लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले के जियाखेड़ी गांव के किसान उदयलाल व्यास ने इंसानियत और प्रकृति प्रेम की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।


मंगलवार को उदयलाल व्यास के एक बेटे और दो बेटियों की शादी थी। खेत में समारोह के लिए पंडाल लगाया जा रहा था, तभी परिवार की नजर टिटहरी के अंडों पर पड़ी। किसान ने तुरंत फैसला लिया कि शादी की जगह बदली जाएगी, लेकिन टिटहरी के अंडों को हाथ नहीं लगाया जाएगा। इसके बाद पंडाल दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया।
इतना ही नहीं, टिटहरी और उसके अंडों की सुरक्षा के लिए बांस और रंगीन रिबन से विशेष घेरा बनाया गया। एक व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई ताकि हजारों मेहमानों की भीड़ में कोई अंडों के पास न पहुंचे। शादी में डीजे बजा, मेहमान आए, रस्में हुईं, लेकिन टिटहरी अपने अंडों के साथ सुरक्षित बैठी रही।
उदयलाल का यह कदम गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां लोग अपनी सुविधाओं के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाने से नहीं हिचकते, वहीं किसान ने अपने जीवन के सबसे बड़े आयोजन से पहले एक पक्षी के जीवन को महत्व देकर संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
किसान का संदेश बना प्रेरणा
उदयलाल व्यास का कहना है कि “जब हमारे घर में खुशियां थीं, तो किसी और का घर कैसे उजाड़ देते?” उनकी यही सोच अब पूरे क्षेत्र में मिसाल बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल पक्षी प्रेम नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति जिम्मेदारी का संदेश है।

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