अब नहीं चलेगी खनन धांधली, विभाग के सर्वर से जुड़ेंगे धर्म कांटे
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व्यवस्था: सेंसर-कैमरों से होगी निगरानी; मानवीय हस्तक्षेप होगा खत्म
उदयपुर, 2 मई : राजस्थान के खान विभाग ने अवैध खनन और खनिज परिवहन पर लगाम कसने के लिए धर्मकांटों (वे-ब्रिज) के संचालन हेतु नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब सभी वे-ब्रिज को सीधे विभागीय सर्वर से जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा की निगरानी रियल टाइम में हो सकेगी और हेराफेरी की संभावना कम होगी।
इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त करना है। इसके लिए हर वे-ब्रिज पर आरएफआईडी रीडर, पोजीशन सेंसर और आईपी बुलेट कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। आरएफआईडी रीडर फास्टैग के जरिए वाहन की स्वतः पहचान करेगा, जबकि पोजीशन सेंसर यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन कांटे पर सही स्थिति में खड़ा है।
कैमरों से हर गतिविधि पर नजर
नई व्यवस्था में तीन अलग-अलग कैमरे लगाए जाएंगे—एक टॉप व्यू से खनिज की पहचान के लिए, दूसरा नंबर प्लेट पढ़ने के लिए और तीसरा कंप्यूटर स्क्रीन व डिजिटाइजर की लाइव मॉनिटरिंग के लिए। इसके अलावा 50 मीटर रेंज वाले इन्फ्रारेड (IR) इल्यूमिनेटर लगाए जाएंगे, जिससे रात या खराब मौसम में भी स्पष्ट दृश्य मिल सके।
अतिरिक्त सुविधाओं की भी अनुमति
वे-ब्रिज संचालक एलईडी डिस्प्ले, पीए सिस्टम, ट्रैफिक लाइट और ऑटोमैटिक बूम बैरियर जैसी सुविधाएं भी जोड़ सकेंगे। यह नई SOP 29 अप्रैल को अतिरिक्त खान निदेशक (मुख्यालय) द्वारा जारी की गई है, जो राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2017 के तहत लागू होगी। विभाग का मानना है कि इससे राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
