चुनाव नहीं, विकास की चौपाल में आया हूं : मुख्यमंत्री
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राजीविका महिलाओं से बोले- अब ‘लखपति दीदी’ नहीं, ‘मिलेनियर दीदी’ बनाने का लक्ष्य
बांसवाड़ा, 20 मई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार शाम बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चूड़ादा गांव पहुंचे, जहां एकलव्य मॉडल स्कूल में आयोजित ‘सीएम ग्राम विकास रात्रि चौपाल’ में ग्रामीणों और राजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद किया। जनजातीय परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को तीर-कमान भेंट कर स्वागत किया।
चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यहां चुनावी सभा के लिए नहीं, बल्कि गांवों के विकास और आमजन की समस्याएं जानने आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के बाद आज बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।
“पहले पति रोकते थे, अब खुद छोड़ने आते हैं”


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका समूह से जुड़ी महिलाओं से उनके अनुभव पूछे। इस पर एक महिला ने कहा कि शुरुआत में घर से बाहर निकलने पर पति और परिवार के लोग सवाल करते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और हर महीने 15 से 20 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब पति खुद बाइक पर बैठाकर समूह की बैठकों और काम पर छोड़ने आते हैं।
महिलाओं की सफलता की कहानियां सुनकर मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सहयोग और संवेदनशीलता स्वाभाविक रूप से होती है। यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने गांव की अन्य बहनों को भी योजनाओं से जोड़ें।
हेलीपैड पर हुआ पारंपरिक स्वागत
इससे पहले मुख्यमंत्री के चूड़ादा पहुंचने पर जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
