उदयपुर का सीवेज संकट: रोज 114 एमएलडी गंदा पानी पहुंच रहा उदयसागर!
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पर्यावरणविद् का प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र, कहा- 60 एमएलडी क्षमता के एसटीपी से औसतन केवल 19.5 एमएलडी सीवेज ही हुआ ट्रीट
उदयपुर, 5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस पर उदयपुर में सीवेज प्रबंधन को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हुआ है। पर्यावरण कार्यकर्ता महेश शर्मा ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजकर दावा किया है कि शहर में स्थापित 60 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अनुपचारित सीवेज आयड़ नदी के माध्यम से उदयसागर झील तक पहुंच रहा है।
पत्र में हिंदुस्तान जिंक द्वारा जारी उस जानकारी का हवाला दिया गया है, जिसमें कंपनी ने वर्ष 2016 से 2025 के बीच 71 बिलियन लीटर सीवेज उपचारित करने का दावा किया था। महेश शर्मा के अनुसार इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर प्रतिदिन औसतन केवल 19.5 एमएलडी सीवेज ट्रीट होने का निष्कर्ष निकलता है, जबकि वर्तमान स्थापित क्षमता 60 एमएलडी है।
उदयपुर के पेयजल भविष्य पर उठे सवाल
पत्र में दावा किया गया है कि उदयपुर की दैनिक जल आवश्यकता लगभग 142 एमएलडी है। वैश्विक मानकों के अनुसार उपयोग किए गए पानी का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा सीवेज में परिवर्तित होता है। इस आधार पर प्रतिदिन लगभग 114 एमएलडी सीवेज तथा अतिरिक्त औद्योगिक अपशिष्ट आयड़ नदी में पहुंचने की आशंका जताई गई है। शर्मा का कहना है कि यही प्रदूषित जल अंततः उदयसागर झील में मिल रहा है, जबकि इसी झील से भविष्य में शहर को पेयजल आपूर्ति की योजना पर काम चल रहा है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
एनजीटी की सख्ती के बीच बढ़ी चिंता
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राजस्थान में शुद्ध पेयजल और सीवरेज प्रबंधन के मुद्दे पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है। शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि भारी धातुओं, रासायनिक तत्वों और हानिकारक बैक्टीरिया युक्त अनुपचारित सीवेज को रोकने के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में यह उदयपुर के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन सकता है।
पत्र की प्रतिलिपि उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर को भी भेजी गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन आरोपों और आंकड़ों पर क्या जवाब देते हैं।
