चित्तौड़गढ़ दुर्ग में बिक गई जमीन, एएसआई रहा अनजान
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अवैध निर्माण शुरू होते ही प्रशासन ने दर्ज करवाई एफआईआर
चित्तौड़गढ़, 13 जून: विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अवैध निर्माण और भूमि लेन-देन का एक नया मामला सामने आया है। दुर्ग क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद प्रशासन ने प्रतापनगर निवासी युवराजादित्य सिंह के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का दावा है कि संबंधित भूमि उसकी संरक्षित संपत्ति है और वर्ष 2024 से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे, लेकिन निर्माण नहीं रुका।
जानकारी के अनुसार विवादित भूमि को एक वर्ष पूर्व नीमच के दो व्यक्तियों को बेच दिया गया था और निर्माण कार्य भी उनके द्वारा कराया जा रहा था। हालांकि भूमि हस्तांतरण की सूचना एएसआई को नहीं दी गई, जिससे विभागीय रिकॉर्ड में अभी भी युवराजादित्य सिंह का नाम दर्ज है।
प्रतिबंध के बावजूद जारी हैं निर्माण
दुर्ग क्षेत्र में वर्ष 2020 से निर्माण सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध है, फिर भी हाल के वर्षों में कई नए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण बढ़ता गया।
अब जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
