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योग के वैज्ञानिक मूल्यांकन पर मंथन, समग्र विकास के लिए योग जरूरी : प्रो. सारंगदेवोत

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योग के वैज्ञानिक मूल्यांकन पर मंथन, समग्र विकास के लिए योग जरूरी : प्रो. सारंगदेवोत

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उदयपुर, 19 जून: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान विद्यापीठ द्वारा आयोजित 10 दिवसीय समारोह की श्रृंखला में शुक्रवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय सभागार में “कार्यस्थल स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत शिक्षा में योग का वैज्ञानिक मूल्यांकन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यापीठ के कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने की।
प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि योग आज केवल परंपरा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित होता है, जो व्यक्ति के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया।
विद्यापीठ की ब्रांड एंबेसडर एवं पुलिस उप अधीक्षक चेतना भाटी ने कहा कि योग व्यक्ति को निरोग जीवन प्रदान करता है तथा पंचतत्वों के संतुलन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों से बचने के लिए नियमित योग अपनाने का आह्वान किया।
प्रारंभ में योग प्रभारी डॉ. रोहित कुमावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए 10 दिवसीय योग कार्यक्रमों की जानकारी दी। संगोष्ठी के अंत में प्रतिभागियों को योग का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
इस अवसर पर स्पोर्ट्स बोर्ड सचिव डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, कृष्णकांत कुमावत, जितेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. दीपेश वत्स, भगवतीलाल दवे, डॉ. धीरेन्द्र सिसोदिया, रंजना राणा, अनिता राजपूत, ललित सालवी, कालुसिंह एवं विकास पालीवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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