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वनाराम को मिला मालिकाना हक, वर्षों का इंतज़ार हुआ खत्म

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वनाराम को मिला मालिकाना हक, वर्षों का इंतज़ार हुआ खत्म

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राहत का पर्याय बन रहे सेवा शिविर
उदयपुर, 1 जुलाई:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए राहत का पर्याय सिद्ध हो रहे हैं। शिविरों में आमजन की बरसों से लंबित समस्याओं का हाथों हाथ निस्तारण हो रहा है। इसी कड़ी में सायरा तहसील की ग्राम पंचायत घनावल में आयोजित शिविर में एक लाभार्थी की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर निपटारा करते हुए उसे मालिकाना हक प्रदान किया गया।
उदयपुर में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में सेवा शिविरों का आयोजन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। बुधवार को ग्राम पंचायत पीपलवास, बेमला, रामा, मोरठ, खरताना, बाठेड़ाकला, वाणियातलाई, लुणदा, नाल, ओबराकलां, घणावल, उपरेटा, थोबावाड़ा, धरावण, अंबावी, भाखरा, छाणी, सोमावत, गडावत, तिलोई, गोगरूद एवं मालवा का चैरा में शिविर आयोजित हुए। वहीं नगर निकायों और युडीए में भी शिविरों का संचालन हुआ।
प्रॉपर्टी कार्ड पाकर खिला चेहरा
सायरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत घनावल निवासी वनाराम काफी समय से स्वामित्व योजना के तहत अपनी आवासीय संपत्ति का प्रॉपर्टी कार्ड (स्वामित्व पत्र) प्राप्त करने का इंतजार कर रहे थे। उचित दस्तावेजों और प्रक्रिया के अभाव में उन्हें अपनी ही संपत्ति का स्पष्ट मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। समस्या के समाधान के लिए वनाराम ने घनावल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचकर विकास अधिकारी को अपनी व्यथा बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकास अधिकारी महीप सिंह के निर्देश पर तत्काल राजस्व एवं पंचायत रिकॉर्ड की जांच की गई। मौके पर ही सभी आवश्यक औपचारिकताएं और कागजी कार्रवाई पूरी कर हाथों-हाथ वनाराम को उनका प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान कर दिया गया। कार्ड मिलते ही वनाराम का वर्षों का इंतजार समाप्त हो गया और अब उनके घर पर किसी भी प्रकार के संपत्ति संबंधी विवाद की संभावना भी खत्म हो गई है।
7 साल बाद शुरू हुई वृद्धावस्था पेंशन
पंचायत समिति सायरा की ग्राम पंचायत घणावल में बुधवार को हुए ग्रामीण सेवा शिविर में एक जरूरतमंद बुजुर्ग के चेहरे पर सालों बाद मुस्कान लौट आई। जानकारी के अभाव में पिछले 7 वर्षों से पेंशन से वंचित चल रहे 65 वर्षीय चेलाराम को शिविर के माध्यम से तुरंत राहत प्रदान की गई। घणावल के निकोर निवासी चेलाराम पिता उमा राम की आयु 65 वर्ष हो चुकी है और वे वृद्धावस्था पेंशन के पूरी तरह पात्र हैं। हालांकि, सही जानकारी न होने के कारण उन्होंने पिछले 7 सालों से इसके लिए आवेदन ही नहीं किया था। शिविर के दौरान उन्होंने अपनी इस व्यथा से शिविर प्रभारी को अवगत कराया। शिविर प्रभारी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कनिष्ठ लेखाकार राजवीर सिंह राणावत को तुरंत पेंशन शुरू करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए श्री राणावत ने राजएसएसपी एप के माध्यम से मौके पर ही चेलाराम का ऑनलाइन पेंशन आवेदन दर्ज किया, जिसे तुरंत स्वीकृति भी मिल गई। अब हर महीने 1300 वृद्धावस्था पेंशन राशि प्राप्त होगी। इससे चेलाराम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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