मुखर्जी चौक से पथ विक्रेताओं की बेदखली पर विवाद
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ठेला व्यवसायियों ने कार्रवाई को अमानवीय और गैरकानूनी बताया, पुनर्वास की मांग
उदयपुर, 8 जुलाई: मुखर्जी चौक में वाहन पार्किंग की व्यवस्था के लिए ठेला और फुटपाथ व्यवसायियों को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। ठेला व्यवसायी मजदूर यूनियन और अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर बेदखल किए गए पथ विक्रेताओं को पूर्व की भांति उसी स्थान पर व्यवसाय करने की अनुमति देने की मांग की है।
यूनियन अध्यक्ष मोहम्मद निजाम ने नगर निगम की कार्रवाई को अमानवीय और गैरकानूनी बताते हुए कहा कि गरीबों की आजीविका छीनकर उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मुख्तार कुरेशी ने कहा कि पिछले सात दिनों से हटाई गई महिलाएं आर्थिक संकट से जूझ रही हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रहा।
यूनियन के संरक्षक और पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए रोजगार छीनना विकास नहीं, बल्कि विनाश है। नेशनल हॉकर फेडरेशन के राज्य संयोजक याकूब मोहम्मद ने कहा कि पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 के तहत 50 वर्ष से अधिक पुराने बाजारों को हेरिटेज मार्केट के रूप में विकसित करने का प्रावधान है, लेकिन नगर निगम ने इसके विपरीत कार्रवाई की है। उन्होंने बेदखल पथ विक्रेताओं के पुनर्वास और व्यवसाय बहाली की मांग की।
