आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर मानवाधिकार रक्षा महासंघ ने उठाए सवाल
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नगर निगम को ज्ञापन सौंपकर की ठोस कार्रवाई की मांग, चेतावनी- समाधान नहीं हुआ तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
उदयपुर, 21 जुलाई: उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर हिंदुत्व रक्षा महासंघ द्वारा संचालित मानवाधिकार रक्षा महासंघ ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि यह समस्या अब केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है।
कार्यवाहक संभागीय अध्यक्ष विकास गौड़ ने कहा कि शहर में प्रतिदिन करीब 30 लोग आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अनुसार हर माह लगभग 900 और सालभर में 10 से 11 हजार तक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर लोग सुबह-शाम टहलने और बच्चों को स्कूल भेजने तक से डरने लगे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राव बहादुर सिंह ने कहा कि यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत नागरिकों को प्राप्त जीवन और सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर विभिन्न आदेश जारी किए हैं, जिनमें ABC Rules-2023 के तहत कुत्तों की पकड़, नसबंदी, टीकाकरण, शेल्टर की व्यवस्था और आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम इन निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं कर पा रहा है।
ज्ञापन में आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी और टीकाकरण अभियान तेज करने, पर्याप्त संख्या में एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर स्थापित करने, स्कूलों, अस्पतालों और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने, कार्रवाई का सार्वजनिक रिकॉर्ड जारी करने तथा रेबीज वैक्सीन और उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।
संगठन ने कहा कि यदि नगर निगम शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो मानवाधिकार रक्षा महासंघ जनहित में उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। इस दौरान प्रवीण जेठवानी, सुनील खुराना, प्रसन्न जैन, सुरेश वीरवाल, अरविंद सिंह झाला सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
