जंजीरों से मिली आजादी, लावारिस को मिला नया आशियाना
Share
अपना घर आश्रम ने दो असहाय लोगों को दिया सहारा, अब होगा उपचार और पुनर्वास
उदयपुर, 28 जुलाई: मानव सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अपना घर आश्रम, उदयपुर ने सोमवार को दो असहाय और बेसहारा लोगों को आश्रय देकर उन्हें नया जीवन देने की पहल की। इनमें एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, जिसे परिवार आर्थिक मजबूरी में जंजीरों से बांधकर रखने को विवश था, तथा दूसरा लंबे समय से लावारिस हालत में भटक रहा व्यक्ति शामिल है।
आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने बताया कि ऋषभदेव क्षेत्र के अमरपुरा फल चौराहा निवासी जगन्नाथ मीणा पिछले छह-सात वर्षों से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे। पिछले दो महीनों से उनकी स्थिति और बिगड़ने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने विवश होकर उन्हें जंजीरों से बांध रखा था। ग्रामीणों की सूचना और मानवीय आधार पर उन्हें अपना घर आश्रम लाया गया, जहां अब उनका उपचार, देखभाल और पुनर्वास किया जाएगा।
इसी तरह झाड़ोल-फलासिया क्षेत्र के कोल्यारी गांव से मिली सूचना पर आश्रम की रेस्क्यू टीम ने लंबे समय से गांव-गांव भटक रहे एक अज्ञात लावारिस व्यक्ति का रेस्क्यू कर आश्रम में भर्ती कराया। वहां उसे भोजन, चिकित्सा, वस्त्र और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।
गोपाल कनेरिया ने बताया कि आश्रम का उद्देश्य सड़क, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले मानसिक रूप से अस्वस्थ, लावारिस एवं असहाय लोगों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, कहीं कोई लावारिस, आश्रयहीन या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति मिले, जो अपना पता बताने में असमर्थ हो, तो इसकी सूचना अपना घर आश्रम, उदयपुर के हेल्पलाइन नंबर 7412061028 या 9413479996 पर दें।
