यमुना जल परियोजना से शेखावाटी को मिलेगी नई जीवनधारा, जाखम-जयसमंद योजना को भी मिलेगा बल
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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्र का जवाब, 34 हजार करोड़ की परियोजना से राजस्थान को बड़ा लाभ
उदयपुर, 30 जुलाई: राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता हो चुका है। 34,102 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत भूमिगत पाइपलाइन से यमुना का पानी राजस्थान पहुंचाया जाएगा।
केंद्र सरकार के अनुसार, परियोजना के तहत जुलाई से अक्टूबर के बीच 577 एमसीएम तक पानी चूरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। राजस्थान सरकार ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है।
सांसद डॉ. रावत ने कहा कि यह परियोजना शेखावाटी के साथ-साथ रामजल सेतु और जाखम का पानी जयसमंद तक पहुंचाने की योजनाओं को भी मजबूती देगी। डीपीआर के अनुसार हसियावास में 386 एमसीएम क्षमता का कच्चा जलाशय बनाया जाएगा तथा परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद 72 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

