मानव सेवा ही जीवन की सबसे बड़ी साधना : प्रशांत अग्रवाल
Share
उदयपुर, 1 अगस्त: सावन मास में नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ में आयोजित ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने सेवा, परोपकार और मानवता को जीवन का सर्वोच्च धर्म बताया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंगा निरंतर बहकर जन-जन का कल्याण करती है, उसी तरह समाज में सेवा का प्रवाह भी अविरल रहना चाहिए। कार्यक्रम में उन्होंने उपचार एवं पुनर्वास प्राप्त कर रहे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से संवाद कर सेवाओं का फीडबैक लिया तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से सेवा कार्यों में भागीदारी का आह्वान किया।

