नगर निगम चुनाव में टिकट की दौड़ तेज
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कांग्रेस में QR कोड से दावेदारी, भाजपा में शुल्क देकर फॉर्म; एक वार्ड से आधा दर्जन से अधिक दावेदार
उदयपुर, 23 अगस्त: नगर निगम चुनाव की आहट के साथ उदयपुर में टिकट की दावेदारी को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में गहमागहमी बढ़ गई है। कई वार्डों में आधा दर्जन से अधिक दावेदार सामने आए हैं। प्रत्याशियों के चयन को लेकर कांग्रेस ने डिजिटल प्रक्रिया अपनाई है, जबकि भाजपा संगठनात्मक रायशुमारी के साथ शुल्क आधारित फॉर्म के जरिए दावेदारों की स्क्रीनिंग कर रही है।
कांग्रेस में सोशल मीडिया भी बनेगा पैमाना
कांग्रेस ने दावेदारी की प्रक्रिया निशुल्क और पेपरलेस रखी है। दावेदार QR कोड स्कैन कर अपनी व्यक्तिगत व राजनीतिक जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर रहे हैं। इसमें फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट की जानकारी देना भी जरूरी है। पार्टी सोशल मीडिया सक्रियता, फॉलोअर्स और भाजपा विरोधी गतिविधियों को भी दावेदारी के आकलन का हिस्सा मान रही है। शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने बताया कि वरिष्ठ नेता वार्डों में बैठकें कर जनता, वरिष्ठ नागरिकों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। 44 वार्डों से तीन-तीन नामों का पैनल शहर संगठन और 36 वार्डों का पैनल देहात संगठन तैयार करेगा।
भाजपा में 463 फॉर्म बिके
भाजपा में सामान्य व ओबीसी दावेदारों के लिए 5 हजार और एससी-एसटी के लिए 2 हजार रुपए शुल्क तय है। अब तक 463 फॉर्म बिक चुके हैं। पार्टी के अनुसार शुल्क से मिले फंड का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन योग्य प्रत्याशियों की मदद में किया जाएगा। फॉर्म में दावेदार से अपने अलावा तीन मजबूत नाम बताने का कॉलम भी है। भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह ने कहा कि बिना फॉर्म खरीदे की गई दावेदारी मान्य नहीं होगी। वार्ड बैठकों में उपस्थिति दर्ज कर वरिष्ठ नेताओं के फीडबैक के आधार पर अंतिम चयन होगा।

