उदयपुर की रूटीन खबरें, अब से एक ही फाइल में
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लेकसिटी की माइशा मेहता ने जीता स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया गौरव
उदयपुर, 25 अगस्त। जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित जयपुर योगा लीग में देश भर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की अंडर-10 श्रेणी में कुल 33 प्रतिभागियों ने अपने योग कौशल, संतुलन, लचीलापन और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रीति सोगानी ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में लेकसिटी की माइशा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त करना माइशा की मेहनत, लगन, नियमित अभ्यास और योग के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
माइशा विट्टी इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा फर्स्ट-ए की छाया है। माइशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने योग प्रशिक्षक राजू सिंह खिंची व परिवार को दिया है। योग प्रशिक्षक राजू खिंची ने माइशा को निरन्तर अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन के लिए सदैव प्रोत्साहित किया है। माइशा की इस उपलब्धि में प्रशिक्षक राजू सिंह खिंची का बडा हाथ है। माइशा ने 3 साल की उम्र में ही योगा सीखना शुरू कर दिया था। बेसिक योगा की ट्रेनिंग अनिता बाबेल से शुरू की। बेसिक योगा पूर्ण होने के बाद एडवांस योगा की तैयारी कोच खिंची के निर्देशन में कर रही है।
गीताांजलि के डॉक्टरों ने दीं शुभकामनाएँ व निभाई सहभागिता, She Circle India के ग्रैंड लॉन्च में रहीं विशेष अतिथि
उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना शर्मा एवं डॉ. अलका छाबड़ा ने 22 अगस्त को हॉवर्ड जॉनसन बाय विंडहैम, उदयपुर में आयोजित She Circle India के ग्रैंड लॉन्च समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर एससीआई चैप्टर–2, एससीआई येलो पेजेस एवं एससीआई मेंबर्स पोर्टल का शुभारंभ हुआ, वहीं गीताांजलि की डॉक्टरों की प्रोफाइल एवं शुभकामना संदेश भी विशेष स्मारिका में प्रमुखता से प्रकाशित रहे।
इस विशेष आयोजन में गीताांजलि मेडिकल कॉलेज की अन्य प्रतिष्ठित महिला चिकित्सकों की प्रोफाइल भी प्रकाशित की गई। इनमें डॉ. अर्चना शर्मा (लैप्रोस्कोपिक गायनेकोलॉजिस्ट एवं इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ), डॉ. नलिनी शर्मा (प्रोफेसर एवं यूनिट हेड, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग), डॉ. पूजा गांधी (इंफर्टिलिटी एवं लैप्रोस्कोपिक विशेषज्ञ), डॉ. नीलम काबरा तोष्णीवाल (स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ), डॉ. अलका छाबड़ा (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग) तथा डॉ. चारु शर्मा (पेन फिज़िशियन एवं पेन मेडिसिन विशेषज्ञ) शामिल रहीं।
गीताांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुबाला चौहान (विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर) तथा डॉ. अंजना वर्मा (वरिष्ठ प्रोफेसर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) ने She Circle India के ग्रैंड लॉन्च समारोह के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। दोनों चिकित्सकों का ‘बेस्ट विशेज’ संदेश इस अवसर पर प्रकाशित विशेष स्मारिका में प्रमुखता से शामिल रहा।
“नया अध्याय • नए संबंध • नए अवसर” की थीम पर आधारित इस आयोजन ने चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग एवं व्यवसाय से जुड़ी प्रेरणादायी महिलाओं को एक मंच पर जोड़ते हुए नेटवर्किंग, सहयोग और महिला नेतृत्व को नए आयाम प्रदान किए।
लहरिया एवं हाउजी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
पॉप-अप एग्जिबिशन में लहरिया व हाउजी प्रतियोगिता ने बांधा समां350 से अधिक महिलाओं ने लिया भाग, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार
उदयपुर, 25 अगस्त। शहर में आयोजित पॉप-अप एग्जिबिशन में लहरिया एवं हाउजी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अलका मूंदड़ा रहीं। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. बलदीप शर्मा ने बताया कि हाउजी प्रतियोगिता में 350 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने प्रतियोगिता का जमकर आनंद उठाया और विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एग्जिबिशन में विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने के साथ-साथ जमकर खरीदारी की, जिससे पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और चहल-पहल बनी रही। लहरिया प्रतियोगिता में डॉ. कौशल्या कोठारी एवं मीना खेरोडिय़ा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। आयोजन की सफलता में आयोजक रुचिका जैन एवं कनिका जैन, समन्वयक भाग्यश्री तथा डॉ. बलदीप शर्मा का विशेष योगदान रहा। महिलाओं की बड़ी भागीदारी, मनोरंजन से भरपूर प्रतियोगिताओं और खरीदारी के उत्साह ने पॉप-अप एग्जिबिशन को खास और यादगार बना दिया।
किसान सम्मान निधि ने बदली किसानों की दशा और दिशा : दीप्ति किरण माहेश्वरी
राजसमंद। राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने देश के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के साथ ही उनके जीवन की दिशा बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। केंद्र सरकार द्वारा किसानों को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की इस ऐतिहासिक पहल ने खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।
विधायक माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर निर्णय ले रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से पात्र किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए समय पर सहयोग मिल रहा है। इससे किसानों को छोटे-बड़े कृषि खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में किसान सम्मान निधि की राशि को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रतिवर्ष किया जाना प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत और सम्मान का विषय है। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों की आय को मजबूत करने तथा खेती की लागत से जुड़े आर्थिक दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
माहेश्वरी ने कहा कि किसान सम्मान निधि केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं, बल्कि किसान के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। इस राशि का उपयोग किसान बीज, खाद, कृषि उपकरण, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक कृषि कार्यों में कर रहे हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की व्यवस्था ने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राजस्थान की डबल इंजन सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए सिंचाई, सड़क, बिजली, फसल बीमा, कृषि अवसंरचना, किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक कृषि तकनीक जैसे अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसान को केवल सहायता प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर कृषि उद्यमी बनाना है।
विधायक ने कहा कि राजस्थान की धरती का किसान अपनी मेहनत, परिश्रम और संकल्प से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। किसान सम्मान निधि में वृद्धि सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें अन्नदाता के आर्थिक सशक्तिकरण को विकास की प्राथमिक धारा से जोड़ा गया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों से आने वाले समय में किसानों की आय, कृषि उत्पादकता और जीवन स्तर में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन आएगा। किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होगा तो विकसित राजस्थान एवं विकसित भारत का संकल्प और अधिक सशक्त होगा।
डॉ. मनीष तिवारी को मिला “राजीव गांधी गौरव अवार्ड”
उदयपुर। अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच नई दिल्ली द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के समापन अवसर पर डॉ मनीष तिवारी को राजीव गांधी गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
वृक्षम अध्यक्ष डॉ गोपेश शर्मा ने बताया कि डॉ. मनीष तिवारी, एक्जीक्यूटिव सदस्य, वृक्षम अमृतम सेवा संस्थान उदयपुर, को उनके रचनात्मक कार्यों, सामाजिक सेवाओं, सदाचारी जीवन एवं समाजहित में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों के लिए “राजीव गांधी गौरव अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
मीडिया प्रभारी नरेश पूर्बिया ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार डॉ. जितेन्द्र सिंह, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के राजनीतिक सलाहकार हरपाल रावत, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक एवं विधायक चौधरी रोहताश बेदी, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ए. पी. सिंह, समारोह अध्यक्ष एवं रोमा इंटरनेशनल कल्चर विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के चांसलर डॉ. एच. सी. गणेशिया, नेपाल राष्ट्र के जगतगुरु शिव शक्ति बाबा तथा अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच के संयोजक एवं नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति के विशिष्ट सलाहकार डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा, एडवोकेट उपस्थित थे।
नवीन फाउंडेशन द्वारा “राम रस बरसे” काव्य गोष्ठी एवं भजन संध्या का आयोजन
तीन वर्ष पूर्ण होने पर आशा पाण्डेय ओझा जी के दिशा निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न
उदयपुर। नवीन फाउंडेशन के तीन वर्ष पूर्ण होने एवं नवीन मोगरी की पुण्य स्मृति में “राम रस बरसे” काव्य एवं भजन संध्या का आयोजन बालेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी एंक्लेव, सविना, सेक्टर-14 में किया गया। कार्यक्रम में भजन, काव्य और बांसुरी वादन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में माया पानेरी ने “हरी हरी दूब चढ़ाऊँ”, सुदेश चौधरी ने “राम का केवल नाम नहीं, राम की मर्यादा”, डॉ. सरस्वती जोशी ने “इस धरती पर कभी किसी को सबका प्यार नहीं मिलता”, डॉ. दीप्ति पंड्या ने “हे राम आओ”, मधु सहगल ने “देखा एक स्वप्न सूरदास ने”, दीपक मोगरी ने “आज मुझे भी तुझसे पड़ गया काम, बोलो राम राम”, दीपिका स्वर्णकार ने “कहाँ खोजूँ तुझे मैं राधा”, सुनीता निमिष ने “ऐ री सखी, मैं शिव हो जाऊँ”, कुसुम भारद्वाज ने “रहना सदा निज धाम को”, हेमा कपुरिया ने “तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार”, अमित व्यास ने “मेरे राम, मेरे राम, तुम बिन कौन हमारा राम”, विनोद उपाध्याय ने बांसुरी वादन के साथ “गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो”, गरिमा खंडेलवाल ने “राम मेरे मन में है”, कामिनी रावल ने “सिवा शिव के दूजा सहारा नहीं है” तथा नेहल शर्मा ने “अच्युतम् केशवम्” की प्रस्तुति दी वहीं धीरज शर्मा जी ने ढोलक पर प्रतुति देकर उसकी थाप से पूरे वातावरण को नृत्य मय कर दिया।
डॉ दीपा मिश्रा ने चले आना प्रभु जी चले आना भजा तथा अंत में मनमोहन जी ने कुछ दोहे पढ़कर राम धुन लगाकर कार्यक्रम को अंतिम चरण पर पहुंचाया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था की प्रबंध निदेशक अर्चना चावला ने किया। उन्होंने सभी प्रस्तुतियों को सहजता से जोड़ते हुए कार्यक्रम को प्रभावी एवं गरिमापूर्ण रूप प्रदान किया।
इस अवसर पर नवीन फाउंडेशन की तीन वर्ष की सेवा-यात्रा को स्मरण करते हुए संस्था के सामाजिक सरोकारों और भविष्य में सेवा कार्यों को और विस्तार देने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम नवीन मोगरी की स्मृति को समर्पित एक भावपूर्ण सांस्कृतिक श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत महाविद्यालय में शपथ कार्यक्रम
उदयपुर, 25 अगस्त। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञानं महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की डीन डॉ सरला लखावत ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। सभी ने नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डीन डॉ लखावत ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर वे स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
राम मंदिर बेदला में अनुकृति ग्रुप का सावन मास का धान्यदान एवं सुदामा पोटली कार्यक्रम सम्पन्न
श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ बेदला राम मंदिर में अनुकृति ग्रुप का आयोजन
उदयपुर, 25 अगस्त। अनुकृति ग्रुप द्वारा सावन मास के पावन अवसर पर धान्यदान एवं सुदामा पोटली कार्यक्रम का आयोजन राम मंदिर, बेदला में श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया।
ग्रुप की संस्थापिका अनिता माहेश्वरी ने बताया कि कार्यक्रम में लगभग 70 से 80 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी महिलाएं सुंदर लहरिया परिधान में सज-धजकर कार्यक्रम में शामिल हुईं, जिससे पूरा वातावरण राजस्थानी संस्कृति और भक्ति के रंग में रंग गया। ग्रुप की संस्थापिका मंदाकिनी धावई ने बताया कि सावन मास के इस कार्यक्रम में धान्यदान के अंतर्गत तिल एवं गुड़ का दान किया गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर भगवान की भक्ति की और पूरे कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने-अपने ठाकुर जी के साथ पूजा-अर्चना एवं भक्ति भाव में भाग लिया। भजनों और गीतों से राम मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। तारा जी पालीवाल ने अपने मधुर गीतों की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया और कार्यक्रम में भक्ति के साथ उत्साह का रंग भर दिया। सावन मास के इस आयोजन ने महिलाओं को एक साथ जोड़ते हुए धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आपसी प्रेम-स्नेह का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन भक्ति एवं उल्लास के साथ हुआ।
कार्यक्रम में भोजन प्रसादी की व्यवस्था विभा सोनी की ओर से की गई, जिसके लिए अनुकृति परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में ग्रुप की बोर्ड मेंबर्स वर्षा जी सोनी, विभा जी सोनी, चंद्रकला कुमावत, शैली चौबेसा, भारती सिंह चौहान, मंजू पूर्विया एवं तरुणा धावई सहित तारा जी पालीवाल उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मोनिका माहेश्वरी, श्रद्धा असावा, रंजू कुंवर, कविता बल्द्वा, गीता चौबेसा, गीता सिंगल, हरिप्रिया चौबेसा, वीना जी, शाक्दीव, हेमा साहू, कमल डीडवानिया, कल्पना पूर्विया, सोनू टांक, सौम्या जी, भूमिका सोनी, सारिका छापरवाल एवं दीपिका पालीवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
पूज्य सिंधी पंचायत हिरण मगरी द्वारा 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव का भव्य समापन
उदयपुर। पूज्य सिंधी पंचायत हिरण मगरी (सेक्टर 3 से 8) द्वारा आयोजित 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव का भव्य समापन झूलेलाल भवन, सेक्टर-4 में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। समापन समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
पंचायत अध्यक्ष मुरली राजानी ने बताया कि समापन अवसर पर बहराणा साहब का विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भगवान झूलेलाल के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
पंचायत महासचिव ओमप्रकाश तलदार ने बताया कि समारोह में महाराज साधुराम एवं मंडली द्वारा भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेते हुए पल्लव की रस्म निभाई तथा भगवान झूलेलाल से सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।
पंचायत उपाध्यक्ष एवं झूलेलाल युवा एवं नारी संघ के संस्थापक गिरीश राजानी ने बताया कि समापन समारोह के अवसर पर पंचायत अध्यक्ष मुरली राजानी का जन्मदिन भी समाजबंधुओं के साथ मनाया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर केक काटकर जन्मदिन मनाया गया तथा उपरना पहनाकर उनका सम्मान किया गया। समारोह में उपस्थित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ओमप्रकाश तलदार, गिरीश राजानी, लक्ष्मण रामचंदानी, बसंत पंजवानी, इंद्र छादवानी, दिलीप लुंज, अशोक तनवानी, मोहन पाहुजा, जगदीश छादवानी, नरेश लालवानी, घनश्याम बजाज, अशोक तेजवानी, ओम वरलानी, राज सहानी, रमेश दतवानी सहित पंचायत के अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने समारोह में शामिल हुए श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।
वहीं मंदिर कमेटी की ओर से महाराज नारायण दास खत्री, वर्षा फुलवानी, मुस्कान खत्री, चाँदनी लालवानी सहित अनेक सदस्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
पंचायत पदाधिकारियों ने कहा कि चालीहा महोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी धार्मिक आस्था, संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सभी ने भगवान झूलेलाल से समाज में सुख, शांति, समृद्धि एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की।
चातुर्मास धर्मसभा में मुनि अरहसागर महाराज ने दिया आत्मपरिवर्तन का संदेश
28 अगस्त को श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव, 700 मुनियों की पूजा-अर्चना होगी
उदयपुर, 25 अगस्त। श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति एवं वर्षायोग समिति के तत्वावधान में श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, उदासीन आश्रम, अशोक नगर में मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज के सान्निध्य में चातुर्मास के तहत विभिन्न धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी हैं। चातुर्मासिक धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धर्मलाभ लिया।
चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया ने बताया कि रोड नंबर 10 मंदिर, मनवाखेड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से भक्तगण मंदिर पहुंचे और मुनिश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि आगामी 28 अगस्त को मुनि संघ के सान्निध्य में प्रात: अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विष्णुकुमार मुनिराज, अकंपाचार्य सहित 700 मुनियों की पूजा-अर्चना कर 700 अघ्र्य चढ़ाए जाएंगे। इसके पश्चात मुनिश्री द्वारा रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में विशेष प्रवचन दिए जाएंगे।
पंडित भुवनेश शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री का पाद-प्रक्षालन कर श्रीफल एवं शास्त्र भेंट किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। आहारचर्या भी सानंद संपन्न हुई। चातुर्मास के दौरान नित्य नियम पूजन, जलाभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
धर्म प्रभावना समिति अध्यक्ष कुंथु कुमार जैन एवं मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि धर्मसभा में मुनि अरहसागर महाराज ने कहा कि “जो पाना है, उसे खोने में लगे हैं और जो खोना है, उसे पाने में लगे हैं।” उन्होंने कहा कि धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन की साधना है। कर्म भाग्य नहीं, बल्कि हमारे भावों और पुरुषार्थ का परिणाम है। जैन दर्शन के अनुसार जीव अपने कर्मों का स्वयं कर्ता भी है और फल का भोक्ता भी। मुनिश्री ने कहा कि मन में जैसे भाव उत्पन्न होते हैं, उसी के अनुरूप कर्मों का बंध होता है। पूजा, अभिषेक, जिनवाणी श्रवण और मंदिर जाना धर्म के साधन हैं, लेकिन इनका वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है, जब जीवन में क्रोध कम हो, मान झुके, माया छूटे और लोभ कम हो। सच्चा धर्म वही है जो मनुष्य को भीतर से बदल दे। उन्होंने कहा कि सुख-दु:ख के लिए संसार को दोष देने के बजाय व्यक्ति को अपने भावों का निरीक्षण करना चाहिए। क्रोध आए तो क्षमा, मान आए तो विनय, माया आए तो सरलता और लोभ आए तो त्याग को अपनाना चाहिए। यही आत्मशुद्धि और कर्मों से मुक्ति का मार्ग है। इसके लिए सम्यक्दर्शन, सम्यक्ज्ञान और सम्यक्चरित्र को जीवन में अपनाना आवश्यक है।
शाम 6.30 बजे गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। इसके बाद छहढाला जी का प्रवचन एवं आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम में धर्म प्रभावना समिति अध्यक्ष कुंथु कुमार गणपतोत, चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया, प्रकाश अखावत, राजेंद्र अखावत, रमेश वैद, शशिकांत शाह, कैलाश गंगवाल, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज कमावत, पारस शाह, हेमंत बोहरा, मनीष गोदावत, अशोक डवारा, दिनेश सोनी, अर्चना पटवारी, सर्वेश जैन, प्रभा टाया, इंदिरा डवारा, कल्पना गागांवत, निर्मला वेद, मंजू शाह, सरोज बोहरा, संगीता डवारा सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
अपना घर आश्रम में 42 प्रभुजी एवं 6 सेवा साथियों की स्वास्थ्य जांच
एचएलएफपीपीटी, टीबी हॉस्पिटल एवं बेदला डिस्पेंसरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ स्वास्थ्य जांच शिविर
उदयपुर, 25 अगस्त। अपना घर आश्रम उदयपुर, बेदला में हिंदुस्तान लेटेस्ट फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट (HLFPPT), टीबी हॉस्पिटल उदयपुर एवं बेदला डिस्पेंसरी के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में आश्रम में निवासरत 42 प्रभुजी एवं 6 सेवा साथियों की स्वास्थ्य जांच की गई।
शिविर के दौरान शुगर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए तथा आवश्यकतानुसार चेस्ट एक्स-रे भी करवाए गए। इस पहल का उद्देश्य आश्रम में निवासरत प्रभुजी के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
शिविर में एचएलएफपीपीटी के जिला समन्वयक मुकेश प्रजापत, टीबी हॉस्पिटल से भूपेंद्र कुमार शर्मा एवं तुषार रंजन चौबीसा, तथा बेदला डिस्पेंसरी से रीना टांक एवं लक्ष्मी सालवी का विशेष सहयोग रहा।
आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों का तिलक एवं उपरना द्वारा स्वागत किया। उन्होंने टीम को आश्रम की कार्यप्रणाली, प्रभुजी की सेवा व्यवस्था एवं आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
टीम इंचार्ज मुकेश प्रजापत ने आश्रम द्वारा प्रभुजी की की जा रही सेवा, आश्रम की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि “आश्रम में प्रभुजी की जिस आत्मीयता और सेवा भावना के साथ देखभाल की जा रही है, वह सराहनीय है। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सेवा के क्षेत्र में आश्रम की व्यवस्थाएं अनुकरणीय हैं। ऐसे स्वास्थ्य जांच शिविरों से प्रभुजी के स्वास्थ्य की समय-समय पर निगरानी करने में मदद मिलती है।”
आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने स्वास्थ्य जांच शिविर के आयोजन एवं सहयोग के लिए एचएलएफपीपीटी, टीबी हॉस्पिटल उदयपुर एवं बेदला डिस्पेंसरी की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
नंदवाना डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित
उदयपुर 25 अगस्त: समस्त ब्राह्मण एवं सर्व समाज सामूहिक विवाह समिति के संभागीय अध्यक्ष ओम प्रकाश नंदवाना को 23 अगस्त को दिल्ली में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में समाज सेवा के क्षेत्र में वर्ल्ड कल्चर एंड एजुकेशन आर्गेनाईजेशन द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया l समिति के अध्यक्ष महर्षि सारस्वत ने बताया कि नंदवाना विगत को 50 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देने के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। नंदवाना को समस्त ब्राह्मण एवं सर्व समाज ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा दिल्ली से ट्रेन द्वारा उदयपुर आगमन पर राणा प्रताप स्टेशन पहुंचते पर फूल मालाओं से स्वागत अभिनन्दन किया। दिल्ली स्थित सम्मान समारोह में तपस्वी संत डा, एच आर पालीवाल के सानिध्य में उपाध्यक्ष डॉ.अखिलेश भाटी उपाध्यक्ष डॉ.देवीलाल दाना एवं अंजू नंदवाना साथ रहे।
व्यवस्थापिका प्रेमलता पालीवाल काकसा जिया परिवार के सदस्य गण एवं नंदवाना समाज के युवा साथी मौजूद रहे। बालमुकुंद नंदवाना, सूरज नंदवाना नितिन बोहरा मनोज नंदवाना, धर्मेंद्र नंदवाना, राकेश नंदवाना, नरेश नंदवाना, हरि प्रसाद नंदवाना, सुनील नंदवाना, प्रवीण मालाहेड़ा, दुर्गेश नंदवाना, प्रवीण नंदवाना, अजय नंदवाना, प्रेमलता नंदवाना, भावना, मैत्रीय नंदवाना, चित्रेश नंदवाना, निशु एवं समाज के गणमान्य लोगों के साथ ही कनिष्ठ पालीवाल, नाथूलाल शर्मा, हेमंत नागदा, हीराभाई चंदानी, अनूप भाबानी, अर्जुन रंगवानी, भेरूलाल चौहान, राजकुमारी माली, एव उदयपुर शहर के अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। नंदवाना ने अभिभूत होकर सभी का हृदय से आभार प्रकट किया एवं आगे भी इसी तरह सहयोग एवं स्नेह बनाए रखने हेतु सभी का साधुवाद दिया ।
हरियालो राजस्थान’ के अंतर्गत CDFT कॉलेज में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
उदयपुर, 25 अगस्त। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में प्रकृति के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के Nodal officer डॉ ऐन एल महावर जी और छात्र कल्याण अधिकारी डॉ विक्रमादित्य देव जी ने किया l उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा ने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की आयोजन सचिव ई. कुसुम मेघवाल ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अरुण गोयल, डॉ निकिता वधावन और डॉ कमलेश मीणा जी ने पेड़ लगाने के महत्व को बताते हुए पेड़ की सुरक्षा की बात पर ध्यान देने की अपील की ।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन ई कुसुम मेघवाल और श्री अनोप सिंह द्वारा किया गया। महाविद्यालय के शिक्षक गण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने “हरियालो राजस्थान” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
हर क्रिया का फल निश्चित, कर्म के फल में संशय नहीं करना चाहिए : आचार्य प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर
आराधना भवन में निरंतर चल रही सिद्धि तप आराधना, प्रवचनों में उमड़ रहे श्रद्धालु
उदयपुर, 25 अगस्त। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज, मुनिराज नीतिप्रभ विजयजी महाराज एवं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में 45 दिवसीय सिद्धि तप आराधना श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी है। आराधना के तहत प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं इसमें सहभागिता निभा रहे हैं, जिससे आराधना भवन में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
श्रीसंघ के कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि हर क्रिया का फल अवश्य मिलता है, इसमें संशय नहीं करना चाहिए। क्रिया के अनुसार फल कम या अधिक हो सकता है, लेकिन कर्म अपना फल अवश्य देता है। कर्म यह नहीं देखता कि व्यक्ति करोड़पति है या सामान्य, बल्कि व्यक्ति के कर्म और भावों के अनुसार ही उसका फल मिलता है।
आचार्यश्री ने कहा कि भगवान की पूजा, नवकार मंत्र, सामायिक जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भी मोक्ष की प्राप्ति संभव है, यदि व्यक्ति पूरी तन्मयता और शुद्ध भाव से क्रिया करे। भगवान द्वारा बताए गए धर्ममार्ग और उसके फल के प्रति कभी शंका नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में बाहरी शुद्धता से अधिक आत्मा की शुद्धता आवश्यक है। शरीर शुद्ध हो या न हो, लेकिन आत्मा के भाव निर्मल होना जरूरी है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि कर्म करते रहना चाहिए और फल की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। धार्मिक क्रियाएं केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि पूर्ण श्रद्धा, तन्मयता एवं आत्मशुद्धि के भाव से की जाएं, तभी उनका वास्तविक लाभ प्राप्त होता है।
इस अवसर पर झाकोड़़ा श्रीसंघ के सभी ट्रस्टी भी धर्मसभा में उपस्थित रहे। उन्होंने आचार्यश्री एवं मुनिराज से निवेदन किया, जिसके पश्चात झाकोड़़ा जैन मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए मुहूर्त प्रदान किया गया। धर्मसभा में डॉ. शैलेन्द्र हिरण, राजकुमार बापना, नरेंद्र सिंघवी, भोपाल सिंह सिंघवी, मनीष दोशी, अभिषेक हुमड़, अशोक सेठ, प्रकाश गांधी, राकेश चेलावत, अशोक जैन, राजेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
उदयपुर, 25 अगस्त। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में प्रकृति के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. एल. एन. महावर एवं छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. विक्रमादित्य दवे ने पौधारोपण कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा ने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम की आयोजन सचिव ई. कुसुम मेघवाल ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरुण गोयल, डॉ. निकिता वधावन एवं डॉ. कमलेश मीणा ने भी वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन ई. कुसुम मेघवाल एवं श्री अनोप सिंह द्वारा किया गया। महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने “हरियालो राजस्थान” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
राजस्थान विद्यापीठ में सघन पौधारोपण अभियान का आगाज
पर्यावरण संरक्षण के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी संदेश
उदयपुर, 25 अगस्त। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक महाविद्यालय परिसर में मंगलवार को सघन पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में फलदार, फूलदार, मौसमी और सुगंधित पुष्पों वाले पौधों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अभियान के तहत नीम, पीपल, जामुन, अमरूद, अनार सहित विदेशी प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए।
पौधारोपण कार्यक्रम कुलाधिपति एवं कुल प्रमुख भंवरलाल गुर्जर, मुख्य अतिथि वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी, रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग और डॉ. अमिया गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विद्यापीठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वृक्ष पर्यावरणीय संतुलन के साथ स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी – भंवरलाल गुर्जर
कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर ने कहा कि वृक्षारोपण केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एक परिपक्व वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 21 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन करता है, जो लगभग 18 लोगों की वार्षिक आवश्यकता के बराबर मानी जाती है। उन्होंने कहा कि वृक्ष वायुमंडल में मौजूद धूल, धुएं और अन्य हानिकारक कणों को भी अवशोषित करते हैं। इससे वायु की गुणवत्ता बेहतर होती है और वातावरण अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बनता है। उन्होंने पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण को भी जरूरी बताया।
वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी का किया सम्मान
डांगी बोले – विद्यापीठ कार्यकर्ताओं की संस्था’
कार्यक्रम में वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी का सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए विद्यापीठ संस्थान और कार्यकर्ताओं की ओर से पगड़ी, उपरणा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उदय लाल डांगी ने कहा कि विद्यापीठ कार्यकर्ताओं की संस्था है और उनके आज के मुकाम तक पहुंचने में संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ की निरंतर प्रगति के लिए वे हर स्तर पर अपना सहयोग और प्रयास जारी रखेंगे।
तीनों परिसरों में चलेगा पौधारोपण अभियान – प्रो. मंजु मांडोत
कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने बताया कि पौधारोपण अभियान विद्यापीठ के तीनों परिसरों में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाली का प्रभाव केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मानव मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि शोधों में यह सामने आया है कि हरे-भरे वातावरण में समय बिताने से तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है। इसके साथ ही एकाग्रता में सुधार और समग्र मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी प्राकृतिक वातावरण सहायक होता है।
मुख्य अतिथि विधायक उदय लाल डांगी ने कहा कि विद्यापीठ की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के माध्यम से विद्यार्थियों और समुदाय में प्रकृति के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित होगी। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश चौबीसा ने किया तथा आभार डॉ. रचना राठौड़ ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. अमी राठौड़, डॉ. रचना राठौड, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. राजन सूद, डॉ. हीना खान, डॉ. भूरालाल शर्मा, डॉ. प्रकाश धाकड, डॉ. देवेन्द्र सिंह राव, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव, डॉ. अमित दवे, किशन सिंह राव सहित कार्यकर्ताओं ने अपने नाम का पौधा लगा उसके संरक्षण का संकल्प लिया।
एकत्व भावना से आत्मस्वरूप की पहचान जरूरी : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
पुद्गल पदार्थों की आसक्ति ने बढ़ाया संसार का भव भ्रमण, आत्मजागरण से ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त
आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मासिक प्रवचन की धूम जारी
उदयपुर, 25 अगस्त। हम सभी का आत्मा स्वयं परमात्मा का रूप है। यह शरीर, नाम, रूप, मन, वचन सभी पुद्गल की रचना है। इनसे हमारा कोई वास्ता नहीं है। हमें अपने उस भूला दिये गये चैतन्यमय आत्मस्वरूप को पाना बहुत जरूरी है। संसार जन्य पौद्गलिक पदार्थों की आसक्ति ने ही हमारा भव भ्रमण बढ़ाया है। ये प्रवचनांश हैं मालव मार्तंड आचार्य मुक्तिसागरसूरि महाराज के। शांत सुधारस की चौथी एकत्व भावना को समझाते हुए आपने कहा कि आचरण से पूर्व जागरण और दीक्षा से पूर्व शिक्षा बहुत जरूरी है। आत्मा के शुद्ध स्वरूप की पहचान होने के बाद ही जीव में जागृति आ सकती है और तभी वह संसार की मोहमाया से मुक्त हो सकता है।
महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं धर्मलाभ ले रहे हैं।
आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि शेर का बच्चा यदि जन्मते ही भेड़ बकरी के टोले में चला जाय, वहीं उसकी परवरिश हो, तब उन्हीं के जैसी हरकतें उसे सिंहबाल (शेर) की भी होगी। जब उसे कोई दूसरा शेर मिले और उसकी असलियत बताये तब ही वह भेड़ बकरी की भीड़ से मुक्त हो सकता है। इस जीव का भी कुछ ऐसा ही है। ज्ञानिभगवंत ही इस एकत्व भावना के माध्यम से हमारे आत्मस्वरूप की पहचान करवाते हुए हमारे लिये मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
ग्राम स्तरीय चौपाल में महिलाओं को किया जागरूक
राजस्थान ग्रामीण बैंक खेरवाड़ा ने किया आयोजन
खेरवाड़ा, 25 अगस्त: राजस्थान ग्रामीण बैंक एवं राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के संयुक्त तत्वाधान में राजस्थान ग्रामीण बैंक शाखा खेरवाड़ा द्वारा मंगलवार को ग्राम स्तरीय जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया।
ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित चौपाल के मुख्य अतिथि वित्तीय साक्षरता सलाहकार दिनेश कुमार जैन रहे जबकि अध्यक्षता शाखा प्रबंधक राजकुमार कसारा ने की। चौपाल में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बैंक के माध्यम से संचालित केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बैंक से जुड़कर इनका लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह का गठन कर बैंक से क्रेडिट लिंकेज कराने, समूह का नियमित संचालन करते हुए नियमित बचत करने, समय पर ऋण की चुकौती करने, भारत सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, फसल बीमा योजना आदि बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
चौपाल में डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी देते हुए इससे होने वाली सुगम बैंकिंग के बारे में बताया तथा जागरूक एवं सतर्क रहकर डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। साथ ही अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम की पिन, सीवीवी आदि की जानकारी किसी को भी नहीं बताने की सलाह दी। चौपाल का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक आनंद जांगिड़ ने किया।
जन्मदिन पर बुजुर्गों की दुआएं बनीं सबसे बड़ा तोहफा, पंकज कुमार शर्मा ने की गौसेवा
उदयपुर, 25 अगस्त। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा भाव के साथ मनाया। उन्होंने तारा संस्थान वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से मुलाकात की, उनके साथ समय बिताया और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर तारा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दीपेश मित्तल जी भी उपस्थित रहे।
वृद्धाश्रम में शर्मा ने बुजुर्गों का हालचाल जाना और उनके जीवन के अनुभव सुने। बुजुर्गों ने भी आत्मीयता के साथ उनसे बातचीत की तथा जन्मदिन पर सुखी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने उन्हें श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया।
शर्मा ने कहा कि जन्मदिन पर मिलने वाले उपहार अपनी जगह हैं, लेकिन बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके अनुभव और जीवन से मिली सीख समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करती है।
उन्होंने कहा कि जन्मदिन की खुशी को केवल स्वयं तक सीमित रखने के बजाय यदि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने और सेवा कार्यों में लगाया जाए, तो उस खुशी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
वृद्धाश्रम के बाद शर्मा गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को चारा खिलाया और गौसेवा की। उन्होंने कहा कि संवेदना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार और कार्यों में दिखाई देनी चाहिए। इंसान हो या बेजुबान जीव, जरूरत के समय उसके काम आना ही सच्ची सेवा और करुणा है।
इस अवसर पर अशोक तम्बोली, सुभाष चितोड़ा, फीरोज अहमद शेख, ओम प्रकाश आगाल, संजय मंदवानी, उत्तम प्रकाश देवड़ा, कृपा शंकर मिश्रा, कन्हैया लाल मेनारिया, डॉ. संदीप गर्ग, नितेश सर्राफ सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। पंकज कुमार शर्मा के जन्मदिन मनाने के इस सेवा भावी अंदाज की उपस्थित लोगों ने सराहना की। दिन की शुरुआत बुजुर्गों के आशीर्वाद और आगे गौसेवा के साथ करते हुए उन्होंने समाज में बुजुर्गों के सम्मान, सेवा और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा का संदेश दिया।
अखिल भारतीय दिगंबर जैन सकल नरसिंहपुरा संस्थान की मातृशक्ति ने मनाया सावन उत्सव
उदयपुर, 25 अगस्त: अखिल भारतीय दिगम्बर जैन सकल नरसिंहपुरा संस्थान एवं सकल दिगम्बर जैन समाज मातृशक्ति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सावन लहरियां उत्सव 2026 में लहरिया क्वीन बनी कोमल पटवारी बीसा नरसिंहपुरा तेरापंथ समाज से व तमन्ना जैन बीसा नरसिंहपुरा मुमुक्ष मंडल फस्ट रनरअप, करिश्मा चित्तौड़ा सेकंड रनर अप चित्तौड़ा समाज, निकिता जैन दसा नागदा समाज मोस्ट क्रिएटिव पुरस्कार,रीना दोषी बेस्ट ड्रेस दसा हूमड़ समाज, हंसिका बोहरा बेस्ट प्रजेंटेशन दसा नागदा समाज, सोनिका जैन मोस्ट कॉंफिडेंट दसा दसा नरसिंहपुरा समाज, एवरग्रीन दीवा विशाखा जैन बीसा नरसिंहपुरा तेरापंथ समाज से रही ।
संस्थान परम संरक्षक कुन्ती लाल जैन ने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम मे उपस्थित सकल दिगम्बर जैन समाज मातृशक्ति को प्रस्ताव रखा कि आज समय की आवश्यकता है कि हमें सकल दिगम्बर जैन समाज मातृशक्ति का गठन कर सामुहिक आयोजित कार्यक्रम करना चाहिए जिसे उपस्थित 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में एक संगठन का गठन करने कि सभी ने हाथ खड़े कर स्वीकृति दी।
कार्यक्रम में विशेष रूप से श्रीमती लीला कुरडिया बीसा नरसिंहपुरा समाज अध्यक्ष, श्रीमती मधु दोषी अध्यक्ष बीसा हूमड़ समाज, मन्जु गदावत नागदा समाज, श्रीमती मधु चित्तोड़ा अध्यक्ष चित्तोड़ा समाज, अर्चना पटवारी अध्यक्ष तेरापंथ बीसा नरसिंहपुरा समाज, श्रीमती गीता अग्रवाल अध्यक्ष अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज, श्रीमती करिश्मा पंचोली दसा हूमड़ समाज, श्रीमती बेला जैन एवं नीला बन्डी र्सवयशा दसाहुमड समाज, श्रीमती अंजना गंगवाल खण्डेलवाल समाज अध्यक्ष, श्रीमती आशा जसीगोत, ऊषा मेहता तेरापंथ बीसा नरसिंहपुरा समाज
श्रीमती रेखा जावेरिया, श्रीमती बिन्दु अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल ने सक्रियता से सभी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सहयोग किया।
कार्यक्रम कि मुख्यअतिथि श्रीमती ममता कोठारी, विशिष्ट अतिथि श्रीमती डॉ सोनु जैन, अध्यक्षता श्रीमती रतन देवी नाड़ियां थी।
महामंत्री विभा सुरावत ने बताया कि सावन लहरियां उत्सव की सभी प्रतियोगिताएं कि निर्णायक जज डॉ सोनिका जैन भा जा पा प्रदेश सहसंयोजक आई टी सेल एवं श्री मति नयना जैन अध्यक्ष इनरव्हील क्लब डिवाइड अध्यक्ष ने कड़ी प्रतिस्पर्धा में निर्णय किया।
सभी अतिथि समाजसेवी एवं संस्थान पदाधिकारी द्वारा पारितोषिक वितरण किए गए।
मंच संचालन कार्यक्रम संयोजक श्रीमती माधुरी मुसलिया ने लगातार चार घंटे प्रतियोगिता आयोजित में बुलन्द किविताओ से किया, मंगलाचरण श्रीमती चेतना भादावत ने किया वही सम्पूर्ण व्यवस्था को श्रीमती सारिका सुरावत, श्वेता रत्नावत ने की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से परमसरश्क्षक के साथ राष्ट्रीय महामंत्री रितेश सुरावत कार्याध्यक्ष चेतन मुसलिया मंत्री जिवनधर हाथी राजस्थान प्रदेश संरक्षक सुमति लाल दुदावत हंस मुख, धनपाल जैन, सुन्दर लालावत सुन्दर फानदौत,रमेश शाह, भंवर नागदा अनन्त कोठारी सहित अनेक समाज सेवी उपस्थित थे।

