सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने चारभुजानाथ के किए दर्शन
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बोले, मंदिर समाज के संस्कारों के केंद्र: प्राचीन परंपराओं और धार्मिक महत्व की ली जानकारी
उदयपुर, 14 सितंबर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार को चारभुजा के अल्प प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध श्री चारभुजानाथ मंदिर पहुंचकर भगवान चारभुजानाथ के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर देश एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर पहुंचने पर पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल ने डॉ. भागवत का आत्मीय स्वागत-सत्कार किया।
मंदिर की प्राचीन परंपराओं और धार्मिक महत्व की ली जानकारी — पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल ने डॉ. भागवत को मंदिर की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व तथा व्यवस्थाओं की जानकारी दी। डॉ. भागवत ने चारभुजानाथ धाम को श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र के रूप में जानने के साथ इसकी प्राचीन धार्मिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंदिर परिसर में उनके प्रवास के दौरान श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण रहा।
मंदिर समाज के संस्कारों के केंद्र : डॉ. भागवत — दर्शन एवं पूजा-अर्चना के बाद डॉ. भागवत ने कहा कि सदियों से लगातार चली आ रही मंगलकारी परंपरा में मंदिर समाज के संस्कारों के केंद्र हैं। इस परंपरा के निर्वहन के लिए आस्था और संस्कार का पाथेय पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिलने के कारण समाज उत्तम प्रकार से आगे बढ़ रहा है। इसके बाद उन्होंने पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल से आत्मीय संवाद किया और मंदिर से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल की ओर से उन्हें प्रसाद भेंट कर मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।

