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सांवलिया सेठ के दरबार में कल से तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेला

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सांवलिया सेठ के दरबार में कल से तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेला

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शोभायात्रा, रथयात्रा, विराट कवि सम्मेलन और भजन संध्याएं होंगी; 22 सितंबर को बी. प्राक देंगे प्रस्तुति
मंडफिया, 19 सितम्बर (विवेक शर्मा)
: मेवाड़ के प्रमुख तीर्थ स्थल भगवान श्री सांवलिया जी सेठ मंडफिया में 21 से 23 सितंबर तक तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेला आयोजित होगा। मेले को लेकर मंदिर प्रशासन ने गोकुल विश्रांति गृह में प्रेस वार्ता कर कार्यक्रमों की जानकारी दी। मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिनेश धाकड़ ने बताया कि मेले में धार्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति कार्यक्रमों के साथ शोभायात्रा एवं रथयात्रा प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
21 सितंबर को शोभायात्रा और कवि सम्मेलन
मेले के पहले दिन 21 सितंबर को तेजा दशमी के अवसर पर दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर से विशाल शोभायात्रा निकलेगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए रात 8 बजे मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद मंदिर परिसर में आतिशबाजी होगी। रात 9 बजे मंडफिया बाईपास स्थित उप जिला चिकित्सालय के पास अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन होगा। इसमें शैलेश लोढ़ा, संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक, शंभु शिखर, राम भदावर, मोनिका हटिला, लक्ष्मण नेपाली सहित विभिन्न क्षेत्रों के कवि प्रस्तुतियां देंगे।
इसी दिन मेला ग्राउंड के मीरा और गोवर्धन रंगमंच पर भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
22 सितंबर को रथयात्रा, बी. प्राक की भजन संध्या
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर 22 सितंबर को दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर से विशाल रथयात्रा निकलेगी। रथयात्रा सांवलिया सरोवर पहुंचेगी, जहां भगवान की पूजा-अर्चना के बाद स्नान कराया जाएगा। इसके बाद रथयात्रा मंदिर के लिए रवाना होकर रात 8 बजे मंदिर पहुंचेगी। समापन पर आतिशबाजी होगी।
रात 9 बजे मंडफिया बाईपास स्थित मंच पर बॉलीवुड गायक बी. प्राक मय दल भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। मेला ग्राउंड के दोनों मंचों पर भी विभिन्न कलाकारों की भजन, सांस्कृतिक, कॉमेडी और नृत्य प्रस्तुतियां होंगी।
23 सितंबर को समापन
मेले के अंतिम दिन 23 सितंबर को रात 9 बजे मीरा रंगमंच पर छोटू सिंह रावणा की भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। तीन दिवसीय मेले के दौरान सांवलिया धाम में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहेगा। भगवान सांवरिया सेठ के दर्शन के साथ शोभायात्रा, रथयात्रा, कवि सम्मेलन और भजन संध्याएं श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

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