भीलवाड़ा में कांग्रेस कार्यालय के बाहर पीसीसी सदस्य का धरना
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मनोज पालीवाल बोले- डोटासरा प्रदेश नहीं चला सकते, सिंबल विवाद के जिम्मेदारों को समन्वयक बनाने का आरोप
उदयपुर, 28 सितंबर: राजस्थान के भीलवाड़ा में कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने सोमवार को अपनी ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना दिया। पालीवाल चरखा लेकर कार्यालय पहुंचे और गांधीवादी तरीके से विरोध जताया। यह विवाद नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों को समय पर पार्टी का चुनाव चिह्न संबंधी अथॉरिटी लेटर नहीं मिलने के मामले से जुड़ा है।
धरने के दौरान पालीवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे प्रदेश कांग्रेस को नहीं चला सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव में 17 कांग्रेस प्रत्याशियों को सिंबल नहीं मिलने से पार्टी को नुकसान हुआ, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
पालीवाल ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की भूमिका सिंबल वितरण में रही, उन्हें कार्रवाई करने के बजाय पंचायतीराज चुनाव में समन्वयक बनाकर भेज दिया गया। उन्होंने मांग की कि आगामी पंचायतीराज चुनाव में ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाए और सिंबल प्रकरण में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
महापौर-उपमहापौर प्रत्याशी नहीं उतारने पर भी सवाल
पालीवाल ने भीलवाड़ा में महापौर और उपमहापौर पद के लिए कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों पद निर्विरोध होने की स्थिति बनी। इसके बाद उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया।
नगर निगम चुनाव के दौरान 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के अथॉरिटी लेटर समय पर नहीं पहुंचने का विवाद पहले भी सामने आ चुका है। प्रदेश कांग्रेस ने बाद में भीलवाड़ा सहित कुछ जिलों से सिंबल समय पर नहीं पहुंचने के मामले में रिपोर्ट मांगी थी। पालीवाल ने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि आगामी पंचायतीराज चुनाव में प्रत्याशियों के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

