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2 करोड़ रिश्वत केस: एएसपी ने सोने की घड़ी-बैंगल गायब की!

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2 करोड़ रिश्वत केस: एएसपी ने सोने की घड़ी-बैंगल गायब की!

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तीन दिन के रिमांड में पूछताछ के दौरान कई खुलासे; परिवादी का आरोप- जब्ती रिकॉर्ड में नहीं दिखाया, 30 सितंबर से पहले रुपए देने को कहा था
उदयपुर, 28 सितम्बर:
272 प्लॉट प्रकरण में दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन से एसीबी की पूछताछ में मामले की परतें खुल रही हैं। तीन दिन के रिमांड के दौरान सामने आए तथ्यों के बीच परिवादी निरंजन मोगरा ने एएसपी पर घर से जब्त सोने की घड़ी, बैंगल और डीवीआर को रिकॉर्ड में नहीं दर्शाने का आरोप लगाया है। मोगरा के अनुसार इन सामान की कीमत करीब 6-7 लाख रुपए थी। उसका कहना है कि जमानत के बाद 25 अगस्त को घर लौटने पर जब्त सामान वहां नहीं मिला।
परिवादी के मुताबिक 4 अगस्त को एसओजी ने उसे और उसकी पत्नी हेमलता कांकरिया को 272 प्लॉट मामले में गिरफ्तार किया था। इस दौरान घर से जमीन के दस्तावेजों के साथ करीब दो किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए जब्त किए गए थे। मोगरा का आरोप है कि घड़ी, बैंगल और डीवीआर की जब्ती रिकॉर्ड में नहीं दिखाई गई। स्टाफ से पूछने पर उसे बताया गया कि इस बारे में एएसपी ही बता सकते हैं।
चार्जशीट से पहले रकम देने का आरोप
मोगरा ने बताया कि दलाल सज्जन सिंह ने पहले जब्त सामान छुड़वाने और केस हल्का करवाने के नाम पर एक करोड़ रुपए मांगे। कुछ दिन बाद उसने एएसपी के नाम पर दो करोड़ रुपए की मांग बताई। इसके बाद सज्जन सिंह उसे फतहसागर झील किनारे रानी रोड ले गया, जहां एएसपी सोनी भी पहुंचे। परिवादी का आरोप है कि रिश्वत की रकम कम करने की बात पर एएसपी चुप रहे और बाद में मोबाइल स्क्रीन पर ‘2CR’ लिखकर दिखाया।
मोगरा के अनुसार, वहां से जाते समय एएसपी ने कहा था कि 30 सितंबर को चार्जशीट पेश कर दूंगा, इससे पहले रुपए की व्यवस्था कर देना। इस संबंध में 24 न्यूज अपडेट ने भी परिवादी के बयान के आधार पर रिपोर्ट प्रकाशित की है।
दो करोड़ लेते दलाल पकड़ा, फिर एएसपी गिरफ्तार
एसीबी ने शनिवार को सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को परिवादी की फैक्ट्री में दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद एएसपी मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित आवास से हिरासत में लिया गया और रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी के अनुसार रिश्वत की मांग 272 भूखंड प्रकरण में आरोपियों को राहत दिलाने तथा अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने से जुड़ी थी। एसीबी अब दोनों आरोपियों से रिश्वत की मांग, कथित मध्यस्थता और जब्त सामान से जुड़े आरोपों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जब्त सामान को रिकॉर्ड में शामिल नहीं करने संबंधी परिवादी के आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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