दुर्गाष्टमी पर 542 जनजाति कन्याओं का पूजन, ‘तू-मैं एक रक्त’ का संदेश
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वनवासी कल्याण परिषद के आयोजन में हवन-यज्ञ व प्रतियोगिताएं, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता पर जोर
उदयपुर, 18 अक्टूबर: राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की ओर से दुर्गाष्टमी पर सेक्टर-13 स्थित कल्याण आश्रम में जनजाति कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोहर लाल कालरा की अध्यक्षता में हुए आयोजन में उदयपुर और सिरोही जिले की 10 पंचायत समितियों से आईं 542 जनजाति कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार भेंट किए गए। हवन-यज्ञ और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
उदयपुर नगर महिला समिति के माध्यम से शहर के परिवारों ने अपने घरों में भी जनजाति कन्याओं का पूजन किया। इसके बाद परिषद कार्यालय में सामूहिक कार्यक्रम हुआ। वक्ताओं ने नवरात्रि के महत्व और भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान पर विचार रखे।
नारी सम्मान और बालिका सुरक्षा पर चर्चा
परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी और प्रांतीय निर्माण कार्य प्रभारी जगदीश प्रसाद जोशी ने सांस्कृतिक मूल्यों, आपसी सहयोग और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने पर जोर दिया। समापन सत्र में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री भगवान सहाय और अखिल भारतीय ग्राम विकास सह प्रमुख डॉ. राधिका लढा उपस्थित रहे। भगवान सहाय ने नारी को शक्ति और सृजन का प्रतीक बताते हुए जनजाति समाज की वीरांगनाओं के योगदान को याद किया। डॉ. राधिका लढा ने बालिकाओं की सुरक्षा, परिवार में संवाद और उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई।
‘तू-मैं एक रक्त’ से एकता का आह्वान
आयोजन का प्रमुख संदेश ‘तू-मैं एक रक्त’ रहा। इसके माध्यम से समाज के सभी वर्गों में समानता, अपनत्व और परस्पर सम्मान की भावना मजबूत करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। आयोजन में आर्य समाज के पदाधिकारियों ने भी सहयोग दिया।

