आर्किटेक्ट टॉवर वाले चौराहे का नाम 2018 में ही ठाकुर अमरचंद बड़वा के नाम पर तय
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ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान ने उठाया मुद्दा, प्रतिमा स्थापना के लिए स्थान निर्धारित करने का आग्रह
उदयपुर, 20 अक्टूबर: शोभागपुरा–विश्वविद्यालय 80 फीट लिंक रोड पर जिस चौराहे पर आर्किटेक्ट टॉवर लगाया गया है, उसका नामकरण तत्कालीन नगर विकास न्यास वर्ष 2018 में ही ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा करने का निर्णय ले चुका था। इसके बावजूद चौराहे पर नामकरण बोर्ड नहीं लगने और प्रतिमा स्थापना के लिए स्थान निर्धारित नहीं होने का मुद्दा फिर उठा है। ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान ने वर्ष 2018 के निर्णय को धरातल पर लागू कर नामकरण बोर्ड लगाने और प्रतिमा के लिए उपयुक्त स्थान तय करने की मांग की है।
संस्थान के अध्यक्ष प्रो. विमल शर्मा ने कहा कि उपलब्ध अभिलेख के अनुसार, 5 जून 2018 को तत्कालीन नगर विकास न्यास की बैठक में चौराहे का नाम ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा रखने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि अब इस निर्णय को स्पष्ट रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि नामकरण को लेकर उठ रहे विवाद समाप्त हों। वे हाल ही में चौराहे के लोकार्पण के बाद आयोजित संस्थान की जयघोष सभा में बोल रहे थे।
संस्थान के संरक्षक एवं एमपीयूएटी के पूर्व कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा ने कहा कि ठाकुर अमरचंद बड़वा मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके नाम पर चौराहे का नामकरण ऐतिहासिक योगदान के प्रति सम्मान है। उपाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने उन्हें मेवाड़ का प्रथम वास्तुकार बताते हुए चौराहे के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी यूडीए से निभाने का आग्रह किया।
संगठन सचिव जयकिशन चौबे ने कहा कि संस्थान किसी पक्ष का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि वर्ष 2018 में लिए गए निर्णय का सम्मान करते हुए नामकरण बोर्ड लगाने और प्रतिमा के लिए स्थान तय करने की मांग कर रहा है। संस्थान से जुड़े इतिहासकारों ने भी कहा कि निर्णय के आठ वर्ष बाद चौराहे को लेकर स्पष्टता नहीं होना उचित नहीं है। उन्होंने इसे ठाकुर अमरचंद बड़वा के योगदान को सम्मान देने से जुड़ा विषय बताया। सभा में राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य, मनोहर लाल मूंदड़ा, आरपी सनाढ्य, शरद भारद्वाज, राजेंद्र नाथ पुरोहित, हाजी सरदार मोहम्मद, संध्या रावल सहित संस्थान के सदस्य और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

