12 साल से पेट दर्द को समझता रहा गैस, जांच में निकली 378 एमएम की गांठ
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जीबीएच जनरल हॉस्पिटल में तीन घंटे चला ऑपरेशन, तिल्ली के पास भी मिली 99 एमएम की गांठ
उदयपुर, 27 अक्टूबर: पिछले 12 साल से पेट दर्द की परेशानी झेल रहा 24 वर्षीय युवक इसे गैस की समस्या समझकर खाली पेट एंटासिड दवाएं लेता रहा। पेट फूलने, सूजन बढ़ने और तकलीफ अधिक होने पर उसने जांच कराई तो पेट में बड़ी गांठ होने का पता चला। जीबीएच जनरल हॉस्पिटल में सीटी स्कैन के दौरान लिवर के पास 378 एमएम और तिल्ली के पास 99 एमएम की गांठ मिली। चिकित्सकों ने करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन कर बड़ी गांठ को बाहर निकाला।
अस्पताल के गैस्ट्रो एवं हेपेटोबिलियरी सर्जन डॉ. आकांक्षा सोनी के अनुसार, गांठ के कारण मरीज के पेट का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित था। चिकित्सकीय भाषा में इस बीमारी को हाइडेटिड सिस्ट कहा जाता है। डॉ. सोनी ने डॉ. पशुपति भानुदा, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. राजेंद्र शर्मा और डॉ. कुणाल तथा ओटी नर्स राजेश्वरी और संदीप की टीम के साथ सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और पूरी तरह स्वस्थ होने पर तीसरे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
संक्रमित जानवरों से फैल सकती है बीमारी
हाइडेटिड सिस्ट परजीवी संक्रमण के कारण बनने वाली गांठ है, जो सामान्यतः लिवर जैसे अंगों को प्रभावित करती है। यह संक्रमण संक्रमित कुत्तों और अन्य जानवरों के संपर्क या उनके मल से दूषित भोजन-पानी के जरिए मनुष्यों तक पहुंच सकता है। शुरुआती दौर में लक्षण स्पष्ट नहीं होने के कारण कई बार मरीज लंबे समय तक बीमारी से अनजान रहते हैं।
समय पर इलाज जरूरी
चिकित्सकों के अनुसार, समय पर उपचार नहीं मिलने पर हाइडेटिड सिस्ट गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। सिस्ट फटने पर गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया या अन्य समस्याओं का खतरा रहता है। इस मामले में जांच के बाद समय पर सर्जरी से मरीज को राहत मिली।
डॉ. आनंद झा, ग्रुप डायरेक्टर

