LOADING

Type to search

सरकार के फैसलों में स्थिरता नहीं, बार-बार निर्णय वापस लेकर जनता से कर रही खिलवाड़ : सचिन पायलट

political

सरकार के फैसलों में स्थिरता नहीं, बार-बार निर्णय वापस लेकर जनता से कर रही खिलवाड़ : सचिन पायलट

Share

बोले- बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं से जूझ रहा देश; भाजपा की उल्टी गिनती शुरू, पंजाब में कांग्रेस और आप के बीच होगा मुख्य मुकाबला
जयपुर, 5 नवम्बर:
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर नीतिगत अस्थिरता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पहले फैसले करती है और बाद में उन्हें वापस ले लेती है। तीन कृषि कानून, जातिगत जनगणना और अग्निवीर योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर मुद्दों पर बार-बार निर्णय बदलना सरकार की असहजता और भ्रम की स्थिति को दर्शाता है। सरकार न तो फैसले लेने का आधार बताती है और न ही उन्हें वापस लेने का कारण स्पष्ट करती है।
जयपुर में मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने करीब डेढ़ साल तक आंदोलन किया। इस दौरान कई लोगों की जान गई, जिसके बाद सरकार को कानून वापस लेने पड़े। इसी तरह राहुल गांधी लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे, लेकिन पहले इसका विरोध किया गया और बाद में सरकार इसके समर्थन में आ गई। अग्निवीर योजना को लेकर भी कांग्रेस शुरू से सवाल उठाती रही है। चार साल की सेवा के बाद युवाओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सेना में स्थायी भर्ती की परंपरा रही है, ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि यह योजना क्यों लाई गई और इसमें बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी और महंगाई से परेशान है तथा किसान भी संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार के फैसलों में मनमानी और फिर उन्हें वापस लेने की प्रवृत्ति से जनता में असंतोष बढ़ रहा है। नोटबंदी से लेकर अन्य नीतिगत निर्णयों तक सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
भाजपा की उल्टी गिनती शुरू
पायलट ने कहा कि भाजपा को केंद्र में 12 साल मिले, लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। अब लोग बदलाव चाहते हैं और भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। पंजाब में भाजपा की ओर से नशामुक्ति का मुद्दा उठाने पर उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में इतने वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद सीमा पार से ड्रोन के जरिए आने वाले हथियारों और मादक पदार्थों को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए। पंजाब को न कोई विशेष पैकेज मिला, न बड़ा औद्योगिक निवेश और न ही अपेक्षित रोजगार के अवसर।
चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
पायलट ने चुनाव आयोग में हालिया बदलावों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13.5 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कोशिश लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और अब किए जा रहे बदलाव पहले हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकते। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता, जवाबदेही और सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना जरूरी है।उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और ईडी, सीबीआई सहित जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पायलट ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं को विपक्ष का मजाक उड़ाने के बजाय देश की समस्याओं पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
पंजाब में कांग्रेस और आप के बीच मुकाबला
पंजाब के राजनीतिक हालात पर पायलट ने कहा कि आम आदमी पार्टी का जनाधार कमजोर हो रहा है और पार्टी में बिखराव के संकेत हैं। उन्होंने दावा किया कि कई सांसद और विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। पंजाब को फिर से विकास की पटरी पर लाने की क्षमता कांग्रेस में है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा। संगरूर में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि विरोध और प्रशासनिक दबाव के बावजूद बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे।
राहुल गांधी की बातों को बताया सही
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को लेकर पायलट ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने के बजाय अपने नेतृत्व को सलाह देनी चाहिए। सरकार को युवाओं की समस्याओं और उनकी पीड़ा समझकर समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहकर अहंकार दिखाना और विपक्ष का मजाक उड़ाना उचित नहीं है। राहुल गांधी ने अब तक जो मुद्दे उठाए हैं, वे सही साबित हुए हैं और उनके हालिया बयानों में भी देश की वास्तविक समस्याएं सामने आई हैं।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *