अनन्ता मेडिकल कॉलेज में हुआ आयोजन
उदयपुर, 8 सितम्बर
पंजाब केसरी समूह के संस्थापक अमर शहीद लाला जगत नारायणजी की 44वीं पुण्यतिथि पर सोमवार 8 सितम्बर को नाथद्वारा रोड उदयपुर स्थित अनन्ता मेडिकल कॉलेज में में रक्तदान शिविर में बढ़—चढ़कर लोगों ने हिस्सा लिया और एकत्र ब्लड बैंक को समर्पित किया गया।
शिविर का उद्घाटन अनन्ता मेडिकल कॉलेज के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा, ने मार्केटिंग हैड हेमंत बंसल की मौजूदगी में किया। इस अवसर पर ब्लड बैंक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सैयद जावेद अर्शी, पैथोलॉजिस्ट डॉ. सीमान्त कुमार सैनी, टेक्नीशियन सुपरवाइजर मुकेश कुमार चौधरी, टेक्नीशियन महेंद्र चंद्र शर्मा, कैलाश कुमार राठौड़, सुनील सेन, प्रकाश सिंह, सुरेंद्र मीणा, दीपेश कुमार परमार, श्रीमती सेजल डांगी और सुश्री आयुषी शर्मा शामिल थी। पंजाब केसरी उदयपुर संस्करण की ओर से संपादकीय प्रभारी सुभाष शर्मा, ओम पाल सीलन और हितेष कुमार शर्मा मौजूद थे।
रक्तदान संसार की सबसे महाने सेवा: डॉ. शर्मा
रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए अनंता मेडिकल कॉलेज के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने कहा कि रक्तदान को संसार की सबसे महान सेवाओं में गिना जाता है। एक बूंद रक्त किसी जरूरतमंद को जीवनदान दे सकता है। हमारे शरीर में लगभग पाँच से छह लीटर रक्त होता है, और चिकित्सकीय दृष्टि से देखा जाए तो एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। इस प्रकार रक्तदान हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि कई बार यह शरीर के लिए लाभकारी भी सिद्ध होता है।
रक्तदान का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इससे किसी मरीज की जान बचाई जा सकती है। दुर्घटनाओं, ऑपरेशन, प्रसव या गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया आदि में अकसर रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में रक्तदाता का योगदान मरीज और उसके परिवार के लिए अमूल्य होता है। यह कार्य न केवल दूसरों की मदद करता है, बल्कि समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत बनाता है।
हर सक्षम व्यक्ति करे रक्तदान
ब्लड बैंक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सैयद जावेद अर्शी एवं पैथोलॉजिस्ट डॉ. सीमान्त कुमार सैनी ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित रक्त की उपलब्धता है। भारत जैसे विशाल देश में हर वर्ष लाखों यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है, जबकि उतना रक्त एकत्र नहीं हो पाता। यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक बार भी रक्तदान कर दे, तो रक्त की कमी कभी नहीं होगी। जब हम रक्तदान करते हैं, तो वास्तव में हम जीवनदान करते हैं। इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करने की आदत डालनी चाहिए।
पंजाब केसरी उदयपुर के संपादकीय प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि पंजाब केसरी समूह अमर शहीद लाला जगत नारायणजी की स्मृति में हर साल नौ सितम्बर को देश के विभिन्न हिस्सों में रक्तदान शिविर आयोजित करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि अमर शहीद लाला जगत नारायणजी की कुर्बानी के कारण ही आज पूरा पंजाब प्रदेश शांत है और उन्होंने देश की एकता व अखंडता की खातिर बलिदान दिया था। उदयपुर में पंजाब केसरी का स्थानीय संस्करण शुरू होने के बाद लालाजी की याद में यह दूसरा रक्तदान शिविर था।