नई दिल्ली, 22 अगस्त: देश के 30 मुख्यमंत्रियों में से 12 यानी 40% मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें से 10 (33%) पर हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सबसे ज्यादा 89 केस दर्ज हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन हैं। रिपोर्ट मौजूदा समय में तब आई है, जब सरकार तीन नए बिल लेकर आई है। इनमें प्रावधान है कि किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को यदि गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन की हिरासत में लिया जाता है, तो वह पद के लिए अयोग्य हो जाएगा।
ADR ने यह रिपोर्ट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 30 मुख्यमंत्रियों के चुनावी हलफनामों के आधार पर तैयार की है। इसमें बताया गया है कि 12 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
ADR ने हाल ही में एक और रिपोर्ट में खुलासा किया था कि गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) की आय 2022-23 में 223% बढ़ी है। देश की 2764 RUPP पार्टियों में से 73% से अधिक ने अपने वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए। गुजरात की 5 ऐसी पार्टियों की कुल आय ₹2316 करोड़ रही, जबकि उन्हें पिछले 5 साल में मात्र 22 हजार वोट मिले।
ADR एक NGO है, जो चुनावी पारदर्शिता और राजनीतिक सुधारों के लिए काम करता है। यह नेताओं और दलों के आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और चंदे का अध्ययन कर जनता को जानकारी उपलब्ध कराता है।