घाटावाली माताजी मंदिर पर जुटेंगे जिलेभर के पशुपालक, मांग नहीं मानी तो आंदोलन का होगा शंखनाद
उदयपुर, 5 नवम्बर: दूध उत्पादन की लगातार बढ़ती लागत और दूध के उचित दाम नहीं मिलने से नाराज पशुपालकों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। दूध की खरीद दरों में वृद्धि की मांग को लेकर उदयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ ने पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस अवधि में दरें नहीं बढ़ाई गईं तो घाटावाली माताजी मंदिर परिसर में जिलेभर के पशुपालकों की महापंचायत बुलाकर आंदोलन की निर्णायक रणनीति बनाई जाएगी।
उदयपुर के समीपवर्ती ग्राम कानपुर स्थित गारिया बावजी मंदिर परिसर में आयोजित संघ की बैठक में जिलेभर से आए दुग्ध उत्पादकों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक की अध्यक्षता संघ के संरक्षक नरेंद्र सिंह राणावत ने की। पशुपालकों ने कहा कि मौसम की मार से सूखे चारे की उपलब्धता प्रभावित हुई है। दूसरी ओर पशु आहार, खल, चूरी और अन्य जरूरी सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन उत्पादकों को मिलने वाला मूल्य उस अनुपात में नहीं बढ़ रहा। ऐसे में पशुपालन व्यवसाय घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से दूध की खरीद दरों में तत्काल उचित वृद्धि की मांग उठाई गई। इसके लिए दूध विक्रेता संघ और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया। संघ ने स्पष्ट किया कि पांच दिन में मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो पशुपालक आंदोलन के लिए लामबंद होंगे।
गांव-गांव में बनेगी संगठन की इकाई
संघ के विष्णु पटेल ने कहा कि पशुपालक दिन-रात मेहनत कर दूध उत्पादन करते हैं, लेकिन बढ़ती लागत के बावजूद उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा। पशुपालन व्यवसाय को बचाने के लिए दूध की दरों में लागत के अनुरूप वृद्धि जरूरी है। बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए जिले के प्रत्येक गांव में ग्राम इकाई गठित करने और सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय भी किया गया। इसी क्रम में कानपुर ग्राम इकाई का गठन कर मदनलाल डांगी (पूर्व उप सरपंच) को संरक्षक, नारायण डांगी को अध्यक्ष और शंकरलाल डांगी को सचिव नियुक्त किया गया। बैठक में नरेंद्र सिंह राणावत, मोहनलाल नागदा, हेमेन्द्र सिंह, अजित गुप्ता, प्रेमचंद पटेल, गोपीलाल डांगी, गेहरीलाल डांगी, तोलीराम डांगी, शंकरलाल डांगी, मुकेश सुथार, नवलराम डांगी, किशनलाल वागावत सहित बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे।