ओबरी, 22 जुलाई: जहां आज के दौर में जमीन-जायदाद को लेकर विवाद आम होते जा रहे हैं, वहीं डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के भासौर गांव में एक पाटीदार परिवार ने त्याग और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की है। स्वर्गीय जगजीभाई पाटीदार के पुत्र डायालाल पाटीदार और माधवजी पाटीदार ने लगभग 35 वर्षों से अपने कब्जे में रही 7 बीघा भूमि पर अपना अधिकार स्वेच्छा से छोड़ते हुए इसे गांव के प्राचीन खेड़ामाता मंदिर समिति को समर्पित कर दिया।
ग्रामीणों की उपस्थिति में दोनों भाइयों ने यह निर्णय अपने दिवंगत माता-पिता की पावन स्मृति को समर्पित करते हुए लिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की स्मृति को अमर बनाने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम धर्म और समाज सेवा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इस भूमि का उपयोग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर ग्रामीणों और समाजजनों ने दोनों भाइयों का सम्मान करते हुए उनकी पहल की सराहना की। लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द, धार्मिक आस्था और समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बताया। कार्यक्रम में मोगजीदादा पाटीदार, लीलाराम पंड्या, लालजी पाटीदार, गणेशलाल त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।