भव्य शोभायात्रा; गांधी ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, 100 फीट की स्वर्ण लंका रही आकर्षण
उदयपुर, 20 अक्टूबर: झीलों की नगरी उदयपुर में विजयादशमी पर असत्य पर सत्य की विजय का पर्व भव्यता के साथ मनाया गया। श्री सनातन धर्म सेवा समिति और श्री बिलोचिस्तान पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 78वें विजयादशमी महोत्सव में विशाल शोभायात्रा, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और आकर्षक आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया। गांधी ग्राउंड में 70 फीट ऊंचे रावण तथा 65-65 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का अग्निबाण से दहन किया गया। 100 फीट लंबी सोने की लंका भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।
शक्तिनगर मंदिर से निकली शोभायात्रा
महोत्सव की शुरुआत शक्तिनगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में नवजात शिशुओं के मुंडन संस्कार से हुई। दोपहर में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और भगवान शिव का पूजन किया गया। शाम 4 बजे बैंड-बाजे, झांकियों और बाइक समूहों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। शास्त्री सर्किल, सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, हाथीपोल और चेटक सर्किल सहित प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शोभायात्रा गांधी ग्राउंड पहुंची। बाहुबली हनुमान और गोरिल्ला कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को आकर्षित किया।
पहली बार सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
गांधी ग्राउंड में शोभायात्रा की परिक्रमा के बाद पहली बार सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ हुआ। भव्या चांदवानी और मीनाक्षी कस्तूरी ने पाठ प्रस्तुत किया। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और पुलिस बटालियन की ओर से संगीत व योग की प्रस्तुतियां दी गईं। भीड़ को देखते हुए मैदान के बाहर भी बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गईं।
अतिथियों की मौजूदगी में हुआ दहन
गुरु शैलेश कुमार बृजवानी के सान्निध्य में भगवान श्रीराम के स्वरूप का विजय तिलक किया गया। सांसद मन्नालाल रावत, सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक ताराचंद जैन, विधायक फूल सिंह मीणा और महापौर पारस सिंघवी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। शाम को रंगीन आतिशबाजी के बीच पहले लंका दहन और फिर अग्निबाण चलाकर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। आयोजन में 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालीं।