सेई टनल का 95% काम पूरा, अब गुजरात नहीं बहेगा मारवाड़ का पानी

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22 दिन में भर सकेगा जवाई बांध, पाली-सिरोही-जालोर को मिलेगा बड़ा लाभ
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण, 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश
उदयपुर, 15 जून :
पश्चिमी राजस्थान की जल सुरक्षा से जुड़ी बहुप्रतीक्षित सेई बांध टनल विस्तार परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। टनल की चौड़ाई बढ़ने के बाद अब मानसून का अतिरिक्त पानी गुजरात की ओर नहीं बहेगा, बल्कि पाली, सिरोही और जालोर जिलों के लिए संजीवनी बनेगा। सोमवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कोटड़ा क्षेत्र पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को 15 जुलाई तक शेष कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री कुमावत ने बताया कि 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पिछले तीन वर्षों से चल रहे इस कार्य का 95 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और अब केवल 90 मीटर टनल का निर्माण शेष है।
चार गुना बढ़ेगी जल निकासी क्षमता
टनल विस्तार के बाद पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। वर्तमान में सेई बांध का अतिरिक्त पानी कम क्षमता के कारण गुजरात की ओर बह जाता है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद वही पानी जवाई बांध तक पहुंचेगा। इससे जवाई बांध भरने में लगने वाला समय 45-50 दिन से घटकर मात्र 22 दिन रह जाएगा।
मारवाड़ की प्यास बुझाने वाली परियोजना
सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुंचाने वाली यह सुरंग पाली और मारवाड़ क्षेत्र के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। परियोजना पूरी होने पर पेयजल और सिंचाई संकट में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सरकार बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना भी बना रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।