उदयपुर में खड़ी कार का चित्तौड़गढ़ में कट गया चालान, ई-चालान सिस्टम पर उठे सवाल

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घर की पार्किंग में खड़ी थी एसयूवी, ओवरस्पीडिंग का एक हजार रुपए का जुर्माना भेजा
\उदयपुर, 7 मई:
उदयपुर में एक बिजनेसमैन के बेटे की गाड़ी घर की पार्किंग में खड़ी थी, लेकिन उसका ओवरस्पीडिंग चालान चित्तौड़गढ़ में कट गया। इस घटना के बाद एक बार फिर ई-चालान सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मॉडर्न कॉम्प्लेक्स निवासी व्यवसायी प्रमोद खाब्या ने बताया कि उनके बेटे दिव्य खाब्या के नाम रजिस्टर्ड एसयूवी नंबर RJ27CR0031 बुधवार रात शादी समारोह से लौटने के बाद घर की पार्किंग में खड़ी कर दी गई थी। गुरुवार सुबह करीब 9 बजकर 34 मिनट पर उनके मोबाइल पर चित्तौड़गढ़ एसपी कार्यालय से एक ई-चालान का मैसेज आया।
मैसेज में बताया गया कि उनकी गाड़ी ने सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर चित्तौड़गढ़ जिले में ओवरस्पीडिंग करते हुए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके लिए एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
“गाड़ी पार्किंग से बाहर ही नहीं निकली”
खाब्या ने बताया कि चालान का मैसेज मिलने के बाद परिवार हैरान रह गया। सबसे पहले घर की पार्किंग में जाकर देखा तो गाड़ी वहीं खड़ी मिली। उन्होंने कहा कि सुबह 11 बजे तक वाहन घर से बाहर ही नहीं निकला था। चालान में जो लोकेशन दर्शाई गई, वह चित्तौड़गढ़ जिले में बानसेन से घोसुंडा के बीच की बताई गई है। जबकि संबंधित एसयूवी उस समय उदयपुर स्थित घर में खड़ी थी। उन्होंने यह भी कहा कि चालान में जो वाहन की तस्वीर लगाई गई है, वह उनकी गाड़ी जैसी दिखाई नहीं दे रही। परिवार ने घर के सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखे हैं, जिनमें चालान के समय वाहन पार्किंग में खड़ा नजर आ रहा है।
गलत चालानों से बढ़ रही परेशानी
व्यवसायी ने आशंका जताई कि कहीं उनकी गाड़ी के नंबर का गलत उपयोग तो नहीं हो रहा। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि बिना सत्यापन के इस तरह के चालान कैसे जारी किए जा रहे हैं।
नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को गलत ई-चालान प्राप्त होता है तो वह 15 दिनों के भीतर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके बाद मामले की जांच कर निस्तारण किया जाता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
प्रदेश में ई-चालान से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। हाल ही में जोधपुर में एक महिला वकील की घर में खड़ी स्कूटी का बिना हेलमेट चालान कट गया था। वहीं जनवरी 2026 में उदयपुर के एक वकील की कार का हेलमेट नहीं पहनने पर चालान बना दिया गया था, जबकि वे सीट बेल्ट लगाकर कार चला रहे थे।इसी तरह कोटा में एक व्यक्ति को दूसरी गाड़ी के नंबर से मिलता-जुलता नंबर होने के कारण गलत ऑनलाइन चालान भेज दिया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद अब लोग ई-चालान सिस्टम की सटीकता और तकनीकी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगे हैं।