स्वच्छता और योग का जनआंदोलन: के.के. गुप्ता की अनूठी पहल

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डूंगरपुर मॉडल से मिली राष्ट्रीय पहचान, योग संस्कृति को भी दी नई दिशा
नई दिल्ली/जयपुर/उदयपुर, 20 जून:
राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले को स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाले पूर्व नगर परिषद सभापति के.के. गुप्ता आज स्वच्छ भारत अभियान के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। स्वच्छता को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने के साथ-साथ उन्होंने योग और स्वस्थ जीवनशैली को भी समाज के केंद्र में स्थापित करने का सफल प्रयास किया।
के.के. गुप्ता का मानना रहा है कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी सोच के साथ उनके नेतृत्व में डूंगरपुर में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, जन-जागरूकता अभियान और हरित विकास के अनेक कार्यक्रम संचालित किए गए। परिणामस्वरूप डूंगरपुर ने स्वच्छता सर्वेक्षणों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और राज्य का पहला खुले में शौच मुक्त शहर बनने का गौरव प्राप्त किया।
स्वच्छता के साथ उन्होंने योग को भी जनआंदोलन का स्वरूप दिया। नगर के उद्यानों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों में नियमित योग शिविर प्रारंभ हुए। युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती भागीदारी ने डूंगरपुर में स्वास्थ्य जागरूकता का नया वातावरण तैयार किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित विशाल योग कार्यक्रमों ने जिले को योग संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी विशेष पहचान दिलाई।
के.के. गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और योग को एक समग्र विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उनके नेतृत्व में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों को समान महत्व मिला। उनका मानना है कि स्वस्थ नागरिक, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन किसी भी समाज की वास्तविक पूंजी हैं।
उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए राजस्थान सरकार ने उन्हें लगातार तीसरी बार स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उन्हें एनएसएससी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का सदस्य तथा युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना का मानद रिसोर्स पर्सन भी नियुक्त किया गया।
वर्तमान में वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान के सभी 41 जिलों में स्वच्छता अभियानों को गति देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। स्थानीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठकों तथा निरीक्षणों के माध्यम से वे स्वच्छता मिशन को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
स्वच्छता के प्रति उनका समर्पण, कार्यशैली और जनभागीदारी पर आधारित दृष्टिकोण उन्हें केवल डूंगरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में एक प्रेरणास्रोत बनाता है। यही कारण है कि लोग उन्हें प्रेमपूर्वक ‘वागड़ का भगीरथ’ और ‘स्वच्छ भारत का सच्चा सेवक’ कहकर सम्मानित करते हैं।