फूलों और रोशनी से सजा ऐतिहासिक मंदिर, देर रात तक चलते रहे दर्शन
उदयपुर, 25 जून: निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को उदयपुर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। फूलों की मनमोहक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर में भगवान जगदीश का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को आकर्षित किया।
भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर
मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और जयकारों का माहौल बना रहा। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली लिए कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना करते नजर आए। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी।
भक्तों के लिए पानी और प्रसाद की व्यवस्था
गर्मी को देखते हुए परिक्रमा स्थल पर टेंट लगाए गए तथा सेवादारों द्वारा श्रद्धालुओं को लगातार पानी और प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए।
मोक्षदायिनी मानी जाती है निर्जला एकादशी
मंदिर के पुजारी लोकेश पुजारी ने बताया कि निर्जला एकादशी को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में माना जाता है। इसे मुक्तदाय या मोक्षदायिनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह 4 बजे से शुरू हुए दर्शन देर रात तक जारी रहे।