अलसुबह से देर शाम तक दर्शन के लिए लगी कतारें, रत्नजड़ित पोशाक और सोने-चांदी के आभूषणों से सजे प्रथम पूज्य
उदयपुर, 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी के अवसर पर उदयपुर के प्राचीन बोहरा गणेशजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। अलसुबह से ही मंदिर के बाहर दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। सुबह बारिश के बावजूद श्रद्धालु कतारों में खड़े रहे और अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन कर लड्डुओं का भोग लगाया।
मंगला आरती के बाद रत्नजड़ित पोशाक में सजे गणेशजी — मंदिर में सुबह 4:30 से 5 बजे तक मंगला आरती हुई। दोपहर 12 बजे भगवान गणेशजी को रत्नजड़ित पोशाक धारण कराई गई। इसके साथ ही सोने-चांदी के मुकुट और अन्य आभूषणों से शृंगार किया गया। विशेष शृंगार के बाद दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया। शाम साढ़े 7 बजे आरती और रात 10:30 से 11 बजे तक ओम शांति विधान का आयोजन किया गया।
फूल मालाओं और रंग-बिरंगी फर्रियों से सजा मंदिर परिसर — गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर को फूल मालाओं और रंग-बिरंगी फर्रियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिर के बाहर विभिन्न साज-सामान और आभूषणों की दुकानें भी लगीं। इस बार मंदिर परिसर के बाहर झूले नहीं लगाए गए।
शहरभर में घर-घर विराजे गणपति — गणेश चतुर्थी पर शहर के विभिन्न स्थानों के साथ घर-घर गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की गई। लोगों ने प्रतिमाओं को फूल मालाओं से सजाया तथा पूजा-अर्चना की। विभिन्न संगठनों की अपील के बाद कई स्थानों पर मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं। दस दिनों तक नियमित पूजा-अर्चना और विशेष भोग के साथ गणेशोत्सव मनाया गया।