मृत पिता और गवाह के नकली हस्ताक्षर करवाए, कोर्ट ने लगाया ₹20 हजार का जुर्माना
चित्तौड़गढ़, 2 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): चित्तौड़गढ़ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने फर्जी वसीयत बनाकर पिता की जमीन हड़पने के आरोप में एक आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे 5 साल के कठोर कारावास और ₹20,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार बैरवा ने सुनाया।
अभियोजन अधिकारी सीमा मालवीय ने बताया कि यह मामला वर्ष 2022 का है। शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह पुत्र भेरू सिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनके प्लॉट की बाउंड्री वॉल जेसीबी से तुड़वाकर कब्जा करने की कोशिश की।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने मृत पिता और मृत गवाह के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर वसीयत (विल) तैयार की और जमीन को अपने नाम करवाने का प्रयास किया।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज़: पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पिता की मौत वर्ष 1991 में और कथित गवाह की मौत 2021 में हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपी ने दोनों के नाम से नकली दस्तावेज़ तैयार करवा लिए।
गिरफ्तारी के बाद भी दी धमकियां:पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसने आत्महत्या की धमकियां देकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्ती बरतते हुए उसे जेल भेज दिया। बाद में पूरा चालान अदालत में पेश किया गया।
9 गवाहों और 20 दस्तावेज़ों से हुआ दोष सिद्ध: मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों और 20 दस्तावेज़ों के जरिए ठोस सबूत पेश किए। वहीं, आरोपी पक्ष से केवल दो गवाह ही उपस्थित हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।