शहरवासी और आर्किटेक्ट्स अपनी यादें, रचनाएँ व सपने करेंगे सुरक्षित, 10 अगस्त तक भेज सकेंगे प्रविष्टियां
उदयपुर, 28 जुलाई: लेकसिटी उदयपुर में विश्वविख्यात वास्तुविद सूत्रधार मंडन की स्मृति में निर्माणाधीन ‘आर्किटेक्ट्स टॉवर’ अब इतिहास और भविष्य के बीच संवाद का माध्यम बनेगा। शोभागपुरा स्थित जे.के. सर्किल पर बन रहे करीब 35 फीट ऊंचे इस टॉवर में एक विशेष टाइम कैप्सूल स्थापित किया जाएगा, जिसमें वर्तमान पीढ़ी की रचनात्मक सोच, स्मृतियां और उदयपुर से जुड़ी विरासत को सुरक्षित रखा जाएगा। यह कैप्सूल भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 26 जनवरी 2047 को खोला जाएगा।
परियोजना के मुख्य सूत्रधार आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने बताया कि इस पहल के माध्यम से आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनर्स और उदयपुरवासी अपनी रचनाएं, अनुभव और शहर के भविष्य को लेकर अपने विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ सकेंगे। प्रतिभागी स्केच, डिज़ाइन, फोटोग्राफ, वास्तुकला से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी, परिवार का चित्र, वर्तमान उदयपुर पर लेख, कविता या भविष्य के शहर की अपनी कल्पना भेज सकते हैं। प्रत्येक प्रविष्टि के साथ नाम, आयु, व्यवसाय और पूरा पता अंकित करना अनिवार्य होगा।
परियोजना की टेक्निकल डायरेक्टर प्रियंका कोठारी ने बताया कि यह पहल मुख्य रूप से आर्किटेक्ट्स और डिज़ाइनर्स के लिए शुरू की गई है, लेकिन उदयपुर का कोई भी नागरिक इसमें भाग लेकर अपनी स्मृतियों को इतिहास का हिस्सा बना सकता है। इच्छुक प्रतिभागी 10 अगस्त तक अपनी प्रविष्टियां वर्कस्पेस डिज़ाइन स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, रीको औद्योगिक क्षेत्र, सुखेर स्थित कार्यालय में भेज सकते हैं।
टाइम कैप्सूल की खास बातें
26 जनवरी 2047 को खोला जाएगा।
आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनर्स और आम नागरिक कर सकेंगे भागीदारी।
स्केच, लेख, फोटो, कविता, डिज़ाइन और स्मृतियां भेजी जा सकेंगी।
प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 10 अगस्त।